narazgi tumari | sad shayari
Tum naraz ho mujse..isliye..
Mein naraz Hun khud se

अगर नजर के नजरिये से निहारो तो हर नजारा नूर लगता है
मेरा वो प्यार जिसे दुनिया गलत कहती थी मुझे वो आज भी कोहिनूर लगता है
किस्मत ने खेला है ऐसा खेल सब कुछ है मेरे पास मगर मेरा महबूब पास होकर भी दूर लगता है
हाँ वो आज भी मुझको कोहिनूर लगता है प्यार मोहब्बत इश्क जितना कुछ था मेरे पास सब कुछ दे दिया उसको
फिर भी वो किसी और के प्यार में मगरूर लगता है
मेरा महबूब पास होकर भी दूर लगता है मगर फिर भी वो मुझको कहिनूर लगता है…harsh tiwari 🖋
athroo naina de
dil te kande banke digge
chann na reha mera hun
jajjbaat gaye
kadmaa ch midhe
ਅਥਰੂ ਨੈਣਾਂ ਦੇ
ਦਿਲ ਤੇ ਕੰਢੇ ਬਣ ਕੇ ਡਿੱਗੇ
ਚੰਨ ਨਾ ਰਿਹਾ ਮੇਰਾ ਹੁਣ
ਜਜਬਾਤ ਗਏ
ਕਦਮਾਂ ਚ ਮਿੱਧੇ