narazgi tumari | sad shayari
Tum naraz ho mujse..isliye..
Mein naraz Hun khud se

do rishte hamesha pawiter te paak rakho
dosti te pyaar de rishte ch hamesha apni neeyat saaf rakho
ਦੋ ਰਿਸ਼ਤੇ ਹਮੇਸ਼ਾ ਪਵਿੱਤਰ ਤੇ ਪਾਕ ਰੱਖੋ❤
ਦੋਸਤੀ ਤੇ ਪਿਆਰ ਦੇ ਰਿਸ਼ਤੇ ਚ ਹਮੇਸ਼ਾ ਆਪਣੀ ਨੀਅਤ ਸਾਫ਼ ਰੱਖੋ☺
ज़िन्दगी के लिए इक ख़ास सलीक़ा रखना
अपनी उम्मीद को हर हाल में ज़िन्दा रखना
उसने हर बार अँधेरे में जलाया ख़ुद को
उसकी आदत थी सरे-राह उजाला रखना
आप क्या समझेंगे परवाज़ किसे कहते हैं।
आपका शौक़ है पिंजरे में परिंदा रखना
बंद कमरे में बदल जाओगे इक दिन लोगो
मेरी मानो तो खुला कोई दरीचा रखना
क्या पता राख़ में ज़िन्दा हो कोई चिंगारी
जल्दबाज़ी में कभी पॉव न अपना रखना
वक्त अच्छा हो तो बन जाते हैं साथी लेकिन
वक़्त मुश्किल हो तो बस ख़ुद पे भरोसा रखना