
Par ishq je eh karna taa khuda naal kar..!!

सौ ख्वाबों को मिला के एक ख्वाब देख रखा है ,
ज़िंदगी ने जाने फिर भी क्या हिसाब रखा है ,
तू मशरुफ़ है तेरी अहमत में,
और मैंने तेरे इंतज़ार को संभाल रखा है ।
माना दर्द की सौगात लाता है इश्क़ जाना ,
फिर भी मैंने अपनी मुलाकातों का गुलाब रखा है ,
तेरे साथ ही तो चल रहा है वजूद मेरा ,
तेरी यादों का मैंने एक तकियाँ भिगो रखा है ।
तेरा यू इंतज़ार करवाना ,मेरे दिल को खा जाता है ,
फिर भी तुझसे मिलने का अरमान सजा रखा है ,
कभी आओ खुल के सामने जो मेरे तुम तो दिखाऊ ,
टूटे दिल मे भी तेरे लिए एक महल सजा रखा है ।
………….अजय कुमार ।
jis titli ne mere dil de baag vich
kujh din c guzaare
ohnu laghe na mere chandi de gulaab piyaare
ohnu taan chahide c koi sone de sitaare
ਜਿਸ ਤਿਤਲੀ ਨੇ ਮੇਰੇ ਦਿਲ ਦੇ ਬਾਗ ਵਿੱਚ
ਕੁਝ ਦਿਨ ਸੀ ਗੁਜਾਰੇ
ਉਹਨੂੰ ਲੱਗੇ ਨਾ ਮੇਰੇ ਚਾਂਦੀ ਦੇ ਗੁਲਾਬ ਪਿਆਰੇ
ਉਹਨੂੰ ਤਾਂ ਚਾਹੀਦੇ ਸੀ ਸੋਨੇ ਦੇ ਸਿਤਾਰੇ