
Par fer vi khush haan mein..!!

kine chalak si sohne sajjan
me hairaan haa ohna de darshan dargaah karke
kade khand naalo mithe lagde si
ajh lagde aah fiki chaah warge
ਕਿੰਨੇ ਚਲਾਕ ਸੀ ਸੋਹਣੇ ਸੱਜਣ
ਮੈ ਹੈਰਾਨ ਹਾਂ ਉਹਨਾ ਦੇ ਦਰਸ਼ਨ ਦਰਗਾਹ ਕਰਕੇ
ਕਦੇ ਖੰਡ ਨਾਲੋਂ ਮਿੱਠੇ ਲੱਗਦੇ ਸੀ
ਅੱਜ ਲੱਗਦੇ ਆਹ ਫਿੱਕੀ ਚਾਹ ਵਰਗੇ….
तू चलता चल ऐ बंदेया
माना मुश्किल , है सफ़र
पर जब साथ हो कोई हमदर्द
तो किस बात का डर
तू चलता चल ऐ बंदेया….
बपिस मुड़ना अब यहाँ से
माना है , जिस राह पर तू चला है
रुक , ठहर , खुद से खुद की लिए इजाज़त माँग,
फिरसे खड़कर , द्रिड होकर, चट्टान सा बनकर
तू चलता चल ऐ बंदेया…
तुझे रखना पड़ेगा खुद को प्रत्येक रूप से तयार
क्यूँकि इस संसार में ना रख सकते प्यार का , ना यार का ऐतबार
पर मुश्किल समय में ग़ैरों का हौंसला ज़रूर बनना मेरे यार
यहाँ आजकल कोन आता है छोड़कर अपना घर व्यापार
तू बुलंदियाँ छूता चल ऐ बंदेया ,तू चलता चल ऐ बंदेया ,
तू चलता चल ऐ बंदेया…….।