Asin tan khud aapniyaan mehflan diyaan
tahniyaan chhang aaye
tel unde hoye v khushi te diwe bujaa aye
ਅਸੀਂ ਤਾਂ ਖੁਦ ਆਪਣੀਆਂ ਮਹਿਫਲਾਂ ਦੀਆਂ
ਟਾਹਣੀਆਂ ਛਾਂਗ ਆਏ
ਤੇਲ ਹੁੰਦੇ ਹੋਏ ਵੀ ਖੁਸ਼ੀ ਦੇ ਦੀਵੇ ਬੁਝਾ ਆਏ
Asin tan khud aapniyaan mehflan diyaan
tahniyaan chhang aaye
tel unde hoye v khushi te diwe bujaa aye
ਅਸੀਂ ਤਾਂ ਖੁਦ ਆਪਣੀਆਂ ਮਹਿਫਲਾਂ ਦੀਆਂ
ਟਾਹਣੀਆਂ ਛਾਂਗ ਆਏ
ਤੇਲ ਹੁੰਦੇ ਹੋਏ ਵੀ ਖੁਸ਼ੀ ਦੇ ਦੀਵੇ ਬੁਝਾ ਆਏ
Tainu paun di vajah tan
koi v nahi
mohobat di tan aadat hai
bewajah hauna
ਤੈਨੂੰ ਪਾਉਣ ਦੀ ਵਜਾਹ ਤਾਂ
ਕੋਈ ਵੀ ਨਹੀਂ
ਮੁਹੋਬਤ ਦੀ ਤਾਂ ਆਦਤ ਹੈ
ਬੇਵਜਾਹ ਹੋਣਾ
“सोचता हूँ, के कमी रह गई शायद कुछ या
जितना था वो काफी ना था,
नहीं समझ पाया तो समझा दिया होता
या जितना समझ पाया वो काफी ना था,
शिकायत थी तुम्हारी के तुम जताते नहीं
प्यार है तो कभी जमाने को बताते क्यों नहीं,
अरे मुह्हबत की क्या मैं नुमाईश करता
मेरे आँखों में जितना तुम्हें नजर आया,
क्या वो काफी नहीं था I
सोचता हूँ के क्या कमी रह गई,
क्या जितना था वो काफी नहीं था
“सोचता हूँ कभी पन्नों पर उतार लूँ उन्हें I
उनके मुँह से निकले सारे अल्फाजों को याद कर लूँ कभी I
ऐसी क्या मज़बूरी होगी उनकी की हम याद नहीं आते I
सोचता हूँ तोहफा भेज कर अपनी याद दिला दूँ कभी I
सोचता हूँ कभी पन्नों पर उतार लूँ उन्हें I