khushiyaan to kab kee rooth gayee hain kaash kee,
is zindagee ko bhee kisee kee nazar lag jaaye..
खुशियाँ तो कब की रूठ गयी हैं काश की,
इस ज़िन्दगी को भी किसी की नज़र लग जाये..
khushiyaan to kab kee rooth gayee hain kaash kee,
is zindagee ko bhee kisee kee nazar lag jaaye..
खुशियाँ तो कब की रूठ गयी हैं काश की,
इस ज़िन्दगी को भी किसी की नज़र लग जाये..
कैसे बताऊं तुम्हे के कौन हो तुम…
हवाओं में फैली है जो खुशबू, उसकी सादगी तुम हो…
मेरी रूह को जो ठंडक दे, वो ताज़गी तुम हो…
सज़दा करू मैं किसका, मेरी दुआओं में तुम,
मेरी वफाओं में तुम, बरसती घटाओं में तुम,
बस तुम ही तुम… तुम हो मेरे आज में मेरे कल में भी तुम,
मेरे हर वक्त में तुम, बस तुम ही तुम…
कैसे बताऊं तुम्हे के कौन हो तुम…
ये धड़कने तुम्हारी है,
मेरे दिल की कीमत समझ लेना,
बिछ जाऊं तुम्हारे क़दमों में,
इसे मेरी मन्नत समझ लेना,
तस्वीर मैं भी हूं तुम्हारी,
मुझे अपनी सीरत समझ लेना…
मेरे साए में भी अब दिखते हो तुम,
कैसे बताऊं तुम्हे के कौन हो तुम…
Ke tu hi marham zakhma te hun
Dil nu dassdi rehni aaan..!!
Soch Soch ke tenu sajjna
Ikalli hassdi rehni aaan..!!
Haase rone pyar tere to
Waqt ho gya sikhdi nu..!!
Sach dssa menu sang jhi aawe
chithiya pattar likhdi nu..!!
ਕਿ ਤੂੰ ਹੀ ਮਰਹਮ ਜਖਮਾਂ ਤੇ ਹੁਣ
ਦਿਲ ਨੂੰ ਦੱਸਦੀ ਰਹਿਨੀ ਆਂ..!!
ਸੋਚ ਸੋਚ ਕੇ ਤੈਨੂੰ ਸੱਜਣਾ
ਇਕੱਲੀ ਹੱਸਦੀ ਰਹਿਨੀ ਆਂ..!!
ਹਾਸੇ ਰੋਣੇ ਪਿਆਰ ਤੇਰੇ ਤੋਂ
ਵਕਤ ਹੋ ਗਿਆ ਸਿੱਖਦੀ ਨੂੰ..!!
ਸੱਚ ਦੱਸਾਂ ਮੈਨੂੰ ਸੰਗ ਜਿਹੀ ਆਵੇ
ਚਿੱਠੀਆਂ ਪੱਤਰ ਲਿਖਦੀ ਨੂੰ..!!