
Jo tu door ho ke vi har waqt mere kol rehnda e..!!

Mein sayari likhta hu…tum mere jazbaat samaj lo.
Mein alfaaz likhta hu…tum meri Mohabbat samaj lo.
Hai khasiyat yahi hai meri …!
Mein ek dayare mein likhta hu…tum usko meri sharafat samaj lo… !✍️💐💫
मैं शायरी लिखता हूं … तुम मेरे जज़्बात समझ लो।
मैं अल्फाज लिखता हूं…तुम मेरी मोहब्बत समझ लो।
हे खासियत यही है मेरी…!
मैं एक दायरे में लिखता हूं …तुम उसको मेरी शराफत समझ लो!
वो खुशियों की डगर, वो राहों में हमसफ़र,
वो साथी था जाना पहचाना,
दिल हैं उसकी यादों का दीवाना
वो साथ था जाना पहचाना
गम तो कई उसने भी देखे,
पर राहों में चले खुशियों को लेके
दिल चाहता हैं हर दम हम साथ चलें,
पर इस राह में कई काले बादल हैं घने
वो साथ था जाना पहचाना
मेरे आसुओं को था जिसने थामा,
मुझसे ज्यादा मुझको पहचाना
चारों तरफ था घनघोर अँधियारा,
बनकर आया था जीवन में उजियारा
वो साथ था जाना पहचाना
गिन-गिन कर तारे भी गिन जाऊ,
पर उसकी यादों को भुला ना पाऊ
कहता था अक्सर हर दिन हैं मस्ताना,
हर राह में खुशियों का तराना
वो साथ था जाना पहचाना
कहता हैं मुझे भूल जाना,
अपनी यादों में ना बसाना
देना चाहूँ हर ख़ुशी उसे,
इसीलिए, मिटाना चाहूँ दिल से
वो साथ था जाना पहचाना
तरुण चौधरी