
KI dassan me
ae akh kise di yaad vich ajh v raundi hai
dard inna ho gya zindagi vich
ke dhadkan v hun saath den ton ghabraundi hai

KI dassan me
ae akh kise di yaad vich ajh v raundi hai
dard inna ho gya zindagi vich
ke dhadkan v hun saath den ton ghabraundi hai
इरादे उम्मीदों के,सख़्त लगते हो
तुम मुझे मेरा,बुरा वक्त लगते हो
होठों पर नज़र,नहीं जाती है क्या
माथा चूम कर,क्यू गले लगते हो
यार लहज़ा ऐसा, क्यूं है तुम्हारा
देखने में,इंसान तो भले लगते हो
तुम्हे क्या पता,दिल कहतें हैं इसे
तुम जो खिलोने, बेचने लगते हो
सच्चा इश्क़ ही तो, मांगा है मैंने
हर बार ये क्या, सोचने लगते हो
उदास हो कर कहते हैं,अलविदा
जब तुम ये,घड़ी देखने लगते हो
के कुछ पहेलियां भी,समझा करो
तुम मतलब,क्यों पूछने लगते हो
कोई ख्याल बचा कर,रखो भैरव
तुम तो बस,कलम ढूढने लगते हो
jhuthe husn/bewafa shayari
Bach k rho ehna husna ton yaaro
Eh jaan jaan keh k hi jaan lende ne..