
Vaar vaar aakhiyaan chon hanju vahaun da ki faida
je ohne ehna naina wal kade takna hi ni
ohna rawan te mudh behn da ki faida
je ohne kade othon langna hi ni

Vaar vaar aakhiyaan chon hanju vahaun da ki faida
je ohne ehna naina wal kade takna hi ni
ohna rawan te mudh behn da ki faida
je ohne kade othon langna hi ni
चलो किसी पुराने दौर की बात करते हैं,
कुछ अपनी सी और कुछ अपनों कि बात करते हैं…
बात उस वक्त की है जब मेरी मां मुझे दुलारा करती थी,
नज़रों से दुनिया की बचा कर मुझे संवारा करती थी,
गलती पर मेरी अकेले डांट कर पापा से छुपाया करती थी,
और पापा के मुझे डांटने पर पापा से बचाया करती थी…
मुझे कुछ होता तो वो भी कहाँ सोया करती थी,
देखा है मैंने,
वो रात भर बैठकर मेरे बाल संवारा करती थी,
घर से दूर आकर वो वक्त याद आता है,
दिन भर की थकान के बाद अब रात के खाने में, कहां मां के हाथ का स्वाद आता है,
मखमल की चादर भी अब नहीं रास आती है,
माँ की गोद में जब सिर हो उससे अच्छी नींद और कहाँ आती है…
Use khone ka dar bhi kya khoob hai jise kabhi paya hi na ho
Lakeeren akasar unhi se milaya karti hain jo kismat me nhi hote💔