ਕੀ ਜਿਉਣਾ ਹੁੰਦਾ ਯਾਰਾਂ ਵੇ
ਜਿੱਥੇ ਨਾਲ ਨੀ ਰੂਹ ਦਾ ਹਾਣੀ ਵੇ
ਤੇਰੇ ਬਿਨ ਯਾਰਾਂ ਇੰਝ ਤੜਫਾ
ਜਿਵੇਂ ਤੜਫੇ ਮੱਛਲੀ ਬਿਨ ਪਾਣੀ ਵੇ
ਤੇਰੇ ਕਰਕੇ ਗੁਰਲਾਲ ਜਿਉਦਾ ਏ
ਨਹੀ ਤਾਂ ਖਤਮ ਪ੍ਰੀਤ ਕਹਾਣੀ ਵੇ
ਕੀ ਜਿਉਣਾ ਹੁੰਦਾ ਯਾਰਾਂ ਵੇ
ਜਿੱਥੇ ਨਾਲ ਨੀ ਰੂਹ ਦਾ ਹਾਣੀ ਵੇ
ਤੇਰੇ ਬਿਨ ਯਾਰਾਂ ਇੰਝ ਤੜਫਾ
ਜਿਵੇਂ ਤੜਫੇ ਮੱਛਲੀ ਬਿਨ ਪਾਣੀ ਵੇ
ਤੇਰੇ ਕਰਕੇ ਗੁਰਲਾਲ ਜਿਉਦਾ ਏ
ਨਹੀ ਤਾਂ ਖਤਮ ਪ੍ਰੀਤ ਕਹਾਣੀ ਵੇ
मैं ये सोचता हूं मेरा हाल क्या होगा
जब मेरी मां का इंतकाल होगा
अभी तक मैने कोई फर्ज पूरा नहीं किया
अभी तक कोई उसका कोई कर्ज पूरा नहीं किया
मेरे पास अभी वक्त ही नही है
पर वो मुझसे सख्त भी नही है
वो मंजर कैसे देखूंगा
वो बदनसीबी का साल होगा
मेरी मां का जब इंतकाल होगा
ऐ खुदा बस इतनी सी दुआ है मेरी
खुश रहे जब तक मां है मेरी
मैं उस जन्नत में खो जाना चाहता हूं
अपनी मां के आंचल में सो जाना चाहता हूं
ये दौलत नही मैं प्यार लेना चाहता हूं
उससे आशीष को उधार लेना चाहता हूं
मैं पैसे का क्या करूंगा ये माल क्या होगा
जब मेरी मां का इंतकाल होगा
ऐसे खामोश रहूंगा तो वक्त बीत जायेगा
वो बूढ़ी हो जायेगी बुढ़ापा जीत जायेगा
जब तक जिंदा है पूजा करना चाहता हूं
और कोई ना दूजा करना चाहता हूं
अभी भी वक्त है ले लो आशीष को
वरना जीवन भर तुमको मलाल होगा
मैं ये सोचता हूं मेरा हाल क्या होगा
मेरी मां का जब इंतकाल होगा
bure dino me bhi hass lete hai ham
saath gar koi na ho to akele chal lete hai ham
बुरे दिनों में भी हंस लेते है हम
साथ गर कोई न हो तो अकेले चल लेते है हम।