kinna khoobsurat hai silsila udheekan da
tere jaan ton lai k mudh aun diyaan tareekan da
ਕਿੰਨਾ ਖੂਬਸੂਰਤ ਇਹ ਸਿਲਸਿਲਾ ਉਡੀਕਾਂ ਦਾ
ਤੇਰੇ ਜਾਣ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਮੁੜ ਆਉਣ ਦੀਆਂ ਤਰੀਕਾਂ ਦਾ
kinna khoobsurat hai silsila udheekan da
tere jaan ton lai k mudh aun diyaan tareekan da
ਕਿੰਨਾ ਖੂਬਸੂਰਤ ਇਹ ਸਿਲਸਿਲਾ ਉਡੀਕਾਂ ਦਾ
ਤੇਰੇ ਜਾਣ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਮੁੜ ਆਉਣ ਦੀਆਂ ਤਰੀਕਾਂ ਦਾ
प्रकृति की बातें सुनाए जाएं, उसकी गाथा कहानी सुनाए जाएं। उठते सूरज की लाली देखो, प्राकृतिक सौंदर्य में खो जाएं।
वृक्षों की छाया को चढ़कर, धरती के गुणगान कर दें। जल की लहरों के रंगों को, रसियों की आवाज़ बना दें।
बारिश की बूँदों का मेल मिलाप, आकर्षण भरी मधुर ध्वनि। हरा-भरा वन आपको बुलाए, अपार प्राकृतिक खजानी।
पर्वतों की ऊँचाइयों से, नदी की धार करे बहती। महकती हवाओं की लहरों में, खुद को आप गंभीर करें।
प्रकृति की रचनाओं को देखो, सुंदरता में जीवन का रंग है। आओ इसे समझें, इसे प्यार करें, प्रेम से हमेशा संग रहें, संग हैं।
Shayari mein apna dard talash kroge to bta nhi payegi…
Usmein gam auro ka likha hai, tumhara jta nhi payegi…
Apne gam aur khushi ko panne pe utarna sikh lo..
Ye mera tazurba kehta hai, tumhe koi takleef staa nhi payegi…
शायरी में अपना दर्द तलाश करोगे तो बता नहीं पायेगी..
उसमे गम ओरों का लिखा है, तुम्हारा जता नहीं पायेगी..
अपने गम और खुशी को पन्ने पे उतारना सीख लो..
ये मेरा तजुर्बा कहता है, तुम्हे कोई तकलीफ सता नहीं पायेगी.