kinna khoobsurat hai silsila udheekan da
tere jaan ton lai k mudh aun diyaan tareekan da
ਕਿੰਨਾ ਖੂਬਸੂਰਤ ਇਹ ਸਿਲਸਿਲਾ ਉਡੀਕਾਂ ਦਾ
ਤੇਰੇ ਜਾਣ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਮੁੜ ਆਉਣ ਦੀਆਂ ਤਰੀਕਾਂ ਦਾ
kinna khoobsurat hai silsila udheekan da
tere jaan ton lai k mudh aun diyaan tareekan da
ਕਿੰਨਾ ਖੂਬਸੂਰਤ ਇਹ ਸਿਲਸਿਲਾ ਉਡੀਕਾਂ ਦਾ
ਤੇਰੇ ਜਾਣ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਮੁੜ ਆਉਣ ਦੀਆਂ ਤਰੀਕਾਂ ਦਾ
Ohnu dekhe bina bhawe kinne hi din langh gaye hon
par akhan vich vasi tasveer ajhe v
taazi di taazi pai
ਉਹਨੂੰ ਦੇਖੇ ਬਿਨਾ ਕਿੰਨੇ ਹੀ ਦਿਨ ਲੰਘ ਗਏ ਹੋਣ
ਪਰ ਅੱਖਾਂ ਵਿੱਚ ਵਸੀ ਤਸਵੀਰ ਅਜੇ ਵੀ
ਤਾਜੀ ਦੀ ਤਾਜ਼ੀ ਪਈ ਏ
हवा बहती हुई यूं मदधम सी, गा रही है एक तराना..
मेरे यार का लाई है संदेश, जिसपे नहीं है पता ठिकाना..
उस खत में लिखे हैं शब्द दो ही, अब कैसे जाए पहचाना..
आए तुम्हे जब याद मेरी, तुम प्यार से मुझे बुलाना..
मैं आउंगी ये वादा है, चाहे रोके सारा जमाना..
क्या भूल गई वादा वो अपना, इस गम में है दिल दीवाना..
क्या मै करूँ, चाहता है दिल, करीब उसके अब चले जाना..
मैं रोक नहीं सकता अब उसको, मुश्किल है सब्र कराना..
मैने हवा से की फरियाद के वापस मुझे अपने साथ ले जाना..
मैं आऊं कहां, मेरे यार का पता पुछ के मुझे बताना..
उसकी झलक को हूं मैं तरस गया, बस एक बार दिखला ना..
टालने में वो माहिर है, पर तू करना ना कोई बहाना..
क्यूं नहीं मिलता वो मुझसे, उसे मिलके है पता लगाना..
मुझे जानना है, वो है कहां, उसे क्यूं नहीं है यहां आना..
उसे कहदे मैं न भूलूंगा, चाहे भूले सारा जमाना..
गर वो नहीं आ सकती तो उसे पड़ेगा मुझे बुलाना..
हवा भी हो गई परेशान, वो चाहे मुझे समझाना..
जहां यार मेरा, मैं जा नहीं सकता, है दूर देश अंजाना….