Kise da ishq kise da khyaal c me
lang gaye saalan vich bahut kamaal c me
ਕਿਸੇ ਦਾ ਇਸ਼ਕ ਕਿਸੇ ਦਾ ਖਿਆਲ ਸੀ ਮੈਂ
ਲੰਘ ਗਏ ਸਾਲਾਂ ਵਿੱਚ ਬਹੁਤ ਕਮਾਲ ਸੀ ਮੈਂ.
Kise da ishq kise da khyaal c me
lang gaye saalan vich bahut kamaal c me
ਕਿਸੇ ਦਾ ਇਸ਼ਕ ਕਿਸੇ ਦਾ ਖਿਆਲ ਸੀ ਮੈਂ
ਲੰਘ ਗਏ ਸਾਲਾਂ ਵਿੱਚ ਬਹੁਤ ਕਮਾਲ ਸੀ ਮੈਂ.
ज़िन्दगी सीधे साधे चलना ठीक नही
उबड़ खाबड़ पड़ाव भी जरूरी है,
तैरते तैरते बाजू थक जाएंगे
एक पल के लिए नाव भी जरूरी है,
बदलाव भी जरूरी
ये घाव भी जरूरी है,
इतनी धूप अच्छी नेही
थोड़ी छांव भी जरूरी है..!
हद-ए-शहर से निकली तो,
गांव-गांव चली..
कुछ यादें मेरे संग,
पांव-पांव चली..!
सफर जो धूप का किया तो,
तजुर्बा हुआ..
वो ज़िन्दगी ही क्या जो,
छांव-छांव चली..!!
काश,जिंदगी सचमुच किताब होती
पढ़ सकता मैं कि आगे क्या होगा?
क्या पाऊँगा मैं और क्या दिल खोयेगा?
कब थोड़ी खुशी मिलेगी, कब दिल रोयेगा?
काश जिदंगी सचमुच किताब होती,
फाड़ सकता मैं उन लम्हों को
जिन्होने मुझे रुलाया है..
जोड़ता कुछ पन्ने जिनकी यादों ने मुझे हँसाया है…
खोया और कितना पाया है?
हिसाब तो लगा पाता कितना
काश जिदंगी सचमुच किताब होती,
वक्त से आँखें चुराकर पीछे चला जाता..
टूटे सपनों को फिर से अरमानों से सजाता
कुछ पल के लिये मैं भी मुस्कुराता,
काश, जिदंगी सचमुच किताब होती।