Na yaad rahi na nafrat na koi ehsas
ki me kise v salook de kabil na reha ?
ਨਾ ਯਾਦ ਰਹੀ ਨਾ ਨਫਰਤ ਨਾ ਕੋਈ ਅਹਿਸਾਸ
ਕੀ ਮੈਂ ਕਿਸੇ ਵੀ ਸਲੂਕ ਦੇ ਕਾਬਿਲ ਨਾ ਰਿਹਾ ?
Na yaad rahi na nafrat na koi ehsas
ki me kise v salook de kabil na reha ?
ਨਾ ਯਾਦ ਰਹੀ ਨਾ ਨਫਰਤ ਨਾ ਕੋਈ ਅਹਿਸਾਸ
ਕੀ ਮੈਂ ਕਿਸੇ ਵੀ ਸਲੂਕ ਦੇ ਕਾਬਿਲ ਨਾ ਰਿਹਾ ?
तुझे अपना बनाने की तो मेरी, दिल से ख्वाहिश पूरी है..
पर तू मुझे चाहे उसके लिए तेरे, ख्वाबों में आना जरुरी है..
ख़्वाबों में आने के लिए तेरा, दिल धड़काना जरुरी है..
तुझे अपना बनाने से पहले, तेरा बन जाना जरुरी है..
हाथ लगाने से पहले, तेरे लबों पर मेरा नाम आना जरुरी है..
तुझे साथी बनाने से पहले, तेरा साथ निभाना जरुरी है..
तू दीवानी हो मेरी, और मेरा, तेरी अदाओं पे मर जाना जरुरी है..
तेरे किसी और को चाहने से पहले, तेरा मुझे चाहना जरुरी है..
तुझे अपना बनाने की तो मेरी, दिल से ख्वाहिश पूरी है….
ज़िन्दगी के अंजान सफर में निकल के देखूंगा,
ये मौत का दरिया है तो चल के देखूंगा...
सवाल ये है कि रफ्तार किसकी कितनी है,
मैं हवाओं से आगे निकल कर देखूंगा...
इक मज़ाक अच्छा रहेगा चांद तारों से,
मैं आज शाम से पहले ढल कर देखूंगा...
रोशनी बाटने वालों पर क्या गुजरती है,
आज मैं इक चिराग़ की तरह जल कर देखूंगा...