Na yaad rahi na nafrat na koi ehsas
ki me kise v salook de kabil na reha ?
ਨਾ ਯਾਦ ਰਹੀ ਨਾ ਨਫਰਤ ਨਾ ਕੋਈ ਅਹਿਸਾਸ
ਕੀ ਮੈਂ ਕਿਸੇ ਵੀ ਸਲੂਕ ਦੇ ਕਾਬਿਲ ਨਾ ਰਿਹਾ ?
Na yaad rahi na nafrat na koi ehsas
ki me kise v salook de kabil na reha ?
ਨਾ ਯਾਦ ਰਹੀ ਨਾ ਨਫਰਤ ਨਾ ਕੋਈ ਅਹਿਸਾਸ
ਕੀ ਮੈਂ ਕਿਸੇ ਵੀ ਸਲੂਕ ਦੇ ਕਾਬਿਲ ਨਾ ਰਿਹਾ ?
ज़िकर तुम्हारा होता है ,अल्फाज् हमारे होते है
आलम ये हो गया है की अब हम रात में भी नहीं सोते हैl
इस कदर गुम हो जाते है तुमहारी याद मे,
की पता नही चलता हम कहा होते है|
अगर तुम साथ नही होगी,
तो तनहा गुजार देगे जिदगी ये वादा करते है|
मेरे ज़जबातों को समझने की कोशिश करो,
हम जैसे इंसान बहुत कम होते है l
वैसे तो हुसन की कमी नहीं है ,
पर तुम्हारे जैसे भी बहुत कम मिलते है l
हर किसी को अपना प्यार मिल जाये ,
ऐसे खुशकिसमत कम होते है l
कुछ तो खास है तुम में ,
वरना हम भी हर किसी पे फिदा नही होते है|
Uljhan ch rehnde har dafa ho
Ho khud ton naraz ya sathon khafa ho?🤔..!!
ਉਲਝਣ ‘ਚ ਰਹਿੰਦੇ ਹਰ ਦਫ਼ਾ ਹੋ
ਹੋ ਖੁਦ ਤੋਂ ਨਾਰਾਜ਼ ਜਾਂ ਸਾਥੋਂ ਖਫ਼ਾ ਹੋ?🤔..!!