“Tujhe Chahkar ab kisi aur ki na chahat , Ki tujhe chahkar ab kisi aur ki na chahat, Tujhe dekh na lu jab tak milti nahi is dil ko rahat”.
“Tujhe Chahkar ab kisi aur ki na chahat , Ki tujhe chahkar ab kisi aur ki na chahat, Tujhe dekh na lu jab tak milti nahi is dil ko rahat”.
हिम्मत भी है ताकत भी ओर हौसला भी
उनकी खुशी के लिए सब कुछ कर जाऊंगा
देखेगी दुनिया भी इस अंजान चेहरे को
जब बाहों में समेटकर में चांद लेकर आऊंगा
मेरी मां के चेहरे पर मुस्कुराहट होगी
और हाथो मेरे लिए में नूर होगा
हवाओं में भी खुशबू होगी और
पापा की नज़रों में गुरूर होगा
सुरूर होगा जब दुनिया अपनी सी लगेगी
जब दुनिया को मेरा भी शउर होगा
अपनी नज़रों में तालाब की आवाम भर लाऊंगा
हर शाम में लौट कर जब घर आऊंगा
हाथों में रोटी पकड़कर कहेगी, बेटा खा ले
मैं मुस्कुराकर दो निवाले उसे भी खिलाऊंगा
खैर, निकल पड़ा हूं अभी मंज़िल ढूंढने खुद ही
इंतेज़ार उस वक्त का है जब मै चांद समेट लाऊंगा...
ਪਿਆਰ ਵੀਆਰ ਕੀ ਕਰਨਾ ਜਦ,ਮਿਲਣਾ ਹੀ ਧੋਖਾ ਏ।।
ਸ਼ਕਲੋਂ ਸੋਹਣੇ ਤਾਂ ਬਹੁਤ ਲੱਭ ਜਾਂਦੇ, ਸੱਜਣ ਦਿਲੋਂ ਸੋਹਣਾ ਲੱਭਣਾ ਔਖਾ ਏ।।