Aksar gum hote firte the Andheri raat me ,
Ujala krdia jo tum laaye roshni apne sath me,,
Ab toh bs khoye rehte hai tujhme hi ,,,
Najane kaunsi raaz hai tumhari baat me..😶
अक्सर गुम होते फिरते थे अंधेरी रात में
उजाला करदिया जो तुम लाए रोशनी अपने साथ में
अब तो बस खोये रहते हैं तुझमें ही
नज़ारे कौनसी राज़ है तुम्हारी बात में..😶
अगर नजर के नजरिये से निहारो तो हर नजारा नूर लगता है
मेरा वो प्यार जिसे दुनिया गलत कहती थी मुझे वो आज भी कोहिनूर लगता है
किस्मत ने खेला है ऐसा खेल सब कुछ है मेरे पास मगर मेरा महबूब पास होकर भी दूर लगता है
हाँ वो आज भी मुझको कोहिनूर लगता है प्यार मोहब्बत इश्क जितना कुछ था मेरे पास सब कुछ दे दिया उसको
फिर भी वो किसी और के प्यार में मगरूर लगता है
मेरा महबूब पास होकर भी दूर लगता है मगर फिर भी वो मुझको कहिनूर लगता है…harsh tiwari 🖋