Kisi ka chup hona
apni hoshiyari mat samjhna
wo aapki nahi janaab
apni hoshiyaari ki wajah se chup hai
किसी का चुप होना
अपनी होशियारी मत समझना,
वो आपकी नहीं जनाब,
अपनी होशियारी की वजह से चुप है♠️
Kisi ka chup hona
apni hoshiyari mat samjhna
wo aapki nahi janaab
apni hoshiyaari ki wajah se chup hai
किसी का चुप होना
अपनी होशियारी मत समझना,
वो आपकी नहीं जनाब,
अपनी होशियारी की वजह से चुप है♠️

G Karda
teriyaan yaada di tapdi ret vich tur jawan
har kadam kadam vich maas chhilawan
te naina de loone piniyaan vich khur jawan
मैं ना जानू दोस्त तेरे दूर हो जाने के बाद,
यह जिंदगी कैसे जंग बन गई है।
मैं ना जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
यह गांव की गलियां कैसे सुनी हो गई है।
मैंने जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
वो खेल का मैदान अब सुना लगता है।
मैं ना जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
कैसे फूल जैसी जिंदगी पत्थर बन गई है।
खुद को मनाने की कोशिश करता हूं बहुत,
लेकिन क्या करूं दिल है कि मानता ही नहीं।
मैं ना जानू दोस्त तेरी दूर हो जाने के बाद,
मेरे चेहरे की हंसी कहां गुम हो गई।
मैं ना जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
बाजारों की रौनक भी फीकी लगती है।
तू कब आएगा मेरे भाई मेरे दोस्त,
तेरे को हर दिन गले लगाने का मन करता है।