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Kiski dadhi ki aag || akbar birbal kahani

बादशाह अकबर की यह आदत थी कि वह अपने दरबारियों से तरह-तरह के प्रश्न किया करते थे। एक दिन बादशाह ने दरबारियों से प्रश्न किया, “अगर सबकी दाढी में आग लग जाए, जिसमें मैं भी शामिल हूं तो पहले आप किसकी दाढी की आग बुझायेंगे?”

“हुजूर की दाढी की” सभी सभासद एक साथ बोल पड़े।

मगर बीरबल ने कहा – “हुजूर, सबसे पहले मैं अपनी दाढी की आग बुझाऊंगा, फिर किसी और की दाढी की ओर देखूंगा।”

बीरबल के उत्तर से बादशाह बहुत खुश हुए और बोले- “मुझे खुश करने के उद्देश्य से आप सब लोग झूठ बोल रहे थे। सच बात तो यह है कि हर आदमी पहले अपने बारे में सोचता है।”

Title: Kiski dadhi ki aag || akbar birbal kahani

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Door da ishq || punjabi shayari

har ik bol te tera naa nikalda ae
tu dil mere ch vas gya
door da ishq taa sahi hi si
me tere kol aake fas gya

ਹਰ ਇੱਕ ਬੋਲ ਤੇ ਤੇਰਾਂ ਨਾਂ ਨਿਕਲਦਾ ਐਂ
ਤੂੰ ਦਿਲ ਮੇਰੇ ਚ ਵਸ ਗਿਆ
ਦੂਰ ਦਾ ਇਸ਼ਕ ਤਾਂ ਸਹੀ ਹੀ ਸੀ
ਮੈਂ ਤੇਰੇ ਕੋਲ ਆਕੇ ਫਸ ਗਿਆ

—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷

Title: Door da ishq || punjabi shayari


Nafrat ka bhav || hindi ghaint pyar shayari

नफ़रत का भाव ज्यों ज्यों खोता चला गया,
मैं रफ्ता रफ्ता आदमी होता चला गया।

फिर हो गया प्यार की गंगा से तर बतर,
गुजरा जिधर से सबको भिगोता चला गया।

सोचा हमेशा मुझसे किसी का बुरा न हो,
नेकी हुई तो दरिया में डुबोता चला गया।

कटुता की सुई लेके खड़े थे जो मेरे मीत,
सद्भावना के फूल पिरोता चला गया।

जितना सुना था उतना जमाना बुरा नहीं,
विश्वास अपने आप पर होता चला गया।

अपने से ही बनती है बिगड़ती है ये दुनियां,
मैं अपने मन के मैल को धोता चला गया।

उपजाऊ दिल है बेहद मेरे शहर के लोग,
हर दिल में बीज प्यार का बोता चला गया।...

Title: Nafrat ka bhav || hindi ghaint pyar shayari