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Kiski dadhi ki aag || akbar birbal kahani

बादशाह अकबर की यह आदत थी कि वह अपने दरबारियों से तरह-तरह के प्रश्न किया करते थे। एक दिन बादशाह ने दरबारियों से प्रश्न किया, “अगर सबकी दाढी में आग लग जाए, जिसमें मैं भी शामिल हूं तो पहले आप किसकी दाढी की आग बुझायेंगे?”

“हुजूर की दाढी की” सभी सभासद एक साथ बोल पड़े।

मगर बीरबल ने कहा – “हुजूर, सबसे पहले मैं अपनी दाढी की आग बुझाऊंगा, फिर किसी और की दाढी की ओर देखूंगा।”

बीरबल के उत्तर से बादशाह बहुत खुश हुए और बोले- “मुझे खुश करने के उद्देश्य से आप सब लोग झूठ बोल रहे थे। सच बात तो यह है कि हर आदमी पहले अपने बारे में सोचता है।”

Title: Kiski dadhi ki aag || akbar birbal kahani

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Ek waqt tha || two line Hindi shayari || sad

Ek waqt tha jab hmari batein hi khatam nhi hoti thi
Aur ek waqt hai jab hmari baat bhi nhi hoti hai 💔

एक वक्त था जब हमारी बातें ही खत्म नही होती थी 
और एक वक्त है जब हमारी बात भी नही होती है।।💔

Title: Ek waqt tha || two line Hindi shayari || sad


Kyu? || sad but true || hindi shayari

सिर्फ मै ही क्यों?

मर्यादा तो तुमने भी तोड़ा

फिर इलज़ाम सिर्फ मुझ पर ही क्यों? 

इश्क़ तो तुमने भी किया मुझ से

फिर बेवफ़ा सिर्फ हम कैसे, 

यादे तो तेरी भी है मेरे साथ

फिर भुलु सिर्फ मै कैसे, 

साथ तो तुमने भी छोड़ा

फिर आँशु सिर्फ मेरे आँखों मे ही क्यों?  

              -anjali kashyap

Title: Kyu? || sad but true || hindi shayari