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Kiski dadhi ki aag || akbar birbal kahani

बादशाह अकबर की यह आदत थी कि वह अपने दरबारियों से तरह-तरह के प्रश्न किया करते थे। एक दिन बादशाह ने दरबारियों से प्रश्न किया, “अगर सबकी दाढी में आग लग जाए, जिसमें मैं भी शामिल हूं तो पहले आप किसकी दाढी की आग बुझायेंगे?”

“हुजूर की दाढी की” सभी सभासद एक साथ बोल पड़े।

मगर बीरबल ने कहा – “हुजूर, सबसे पहले मैं अपनी दाढी की आग बुझाऊंगा, फिर किसी और की दाढी की ओर देखूंगा।”

बीरबल के उत्तर से बादशाह बहुत खुश हुए और बोले- “मुझे खुश करने के उद्देश्य से आप सब लोग झूठ बोल रहे थे। सच बात तो यह है कि हर आदमी पहले अपने बारे में सोचता है।”

Title: Kiski dadhi ki aag || akbar birbal kahani

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Dil ka haal bataana nahi aata || Love Shayari in Hindi

दिल का हाल बताना नही आता,
हमे ऐसे किसी को तड़पाना नही आता,
सुनना तो चाहतें हैं हम उनकी आवाज़ को,
पर हमे कोई बात करने का बहाना नही आता।

Title: Dil ka haal bataana nahi aata || Love Shayari in Hindi


Hum Bhi Aisa Hi Karenge || Dard Hindi shayari

Aaj Hamari Baaton Ka Jawab Nahi Dete Na Do,
Aaoge Jab Hamari Kabar Par,
Hum Bhi Aisa Hi Karenge!

Title: Hum Bhi Aisa Hi Karenge || Dard Hindi shayari