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Kiski dadhi ki aag || akbar birbal kahani

बादशाह अकबर की यह आदत थी कि वह अपने दरबारियों से तरह-तरह के प्रश्न किया करते थे। एक दिन बादशाह ने दरबारियों से प्रश्न किया, “अगर सबकी दाढी में आग लग जाए, जिसमें मैं भी शामिल हूं तो पहले आप किसकी दाढी की आग बुझायेंगे?”

“हुजूर की दाढी की” सभी सभासद एक साथ बोल पड़े।

मगर बीरबल ने कहा – “हुजूर, सबसे पहले मैं अपनी दाढी की आग बुझाऊंगा, फिर किसी और की दाढी की ओर देखूंगा।”

बीरबल के उत्तर से बादशाह बहुत खुश हुए और बोले- “मुझे खुश करने के उद्देश्य से आप सब लोग झूठ बोल रहे थे। सच बात तो यह है कि हर आदमी पहले अपने बारे में सोचता है।”

Title: Kiski dadhi ki aag || akbar birbal kahani

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Mohobat me nakaam || hindi shayari sad

सीने के बल चल कर आया था मैं 

फिर मोहब्बत में नाकाम हुआ

वफा तो दोनो तरफ से थी….

फिर हमारा ही क्यू बुरा अंजाम हुआ

कलम तू कैसे लिख लेता है मेरे दर्द को

सलमान….तेरा दर्द लिखकर ही तो मेरा नाम हुआ

ऐन मुमकिन है दिल की मरम्मत हो जाए

मगर वक्त से पहले ही बंद बाजार हुआ

हमसे दोस्ती _तुम्हे मायूस कर देगी

अब तो खुद में ही मैं खाक हुआ

देख इंतजार में है लोग तेरी दास्तान सुनने के लिए

जा कर कह दो लोगो से…….दर्द से उनका इंतकाल हुआ

Title: Mohobat me nakaam || hindi shayari sad


Kabhi dil bhi milaya kar || Hindi shayari || true LINEs

आँखों से आंसू मत बहाया कर
बारिशें हों तो ख़ुद भीग जाया कर
चाँद है तु खुद का
ख़ुद के लिए जगमगाया कर
सिर्फ हाथ का काम नहीं है मिलना
कभी दिल भी मिलाया कर✨

Ankhon se aansu Matt bahaya kar
Barishein ho to khud bheeg jaya kar
Chaand hai tu khud ka
Khud ke liye jagmagaya kar
Sirf hath ka kaam nhi hai milna
Kabhi dil bhi milaya kar✨

Title: Kabhi dil bhi milaya kar || Hindi shayari || true LINEs