Log bhi aaj kal kya khoob wafa nibhate hai niyat apni kharab Doshi kismat ko thehrate hain
लोग भी आज कल क्या खूब वफा निभाते हैं नियत अपनी खराब दोषी किस्मत को ठहराते हैं 💔
Log bhi aaj kal kya khoob wafa nibhate hai niyat apni kharab Doshi kismat ko thehrate hain
लोग भी आज कल क्या खूब वफा निभाते हैं नियत अपनी खराब दोषी किस्मत को ठहराते हैं 💔
किसान कविता
बूँद बूँद को तरसे जीवन,
बूँद से तड़पा हर किसान
बूँद नही हैं कही यहाँ पर
गद्दी चढ़े बैठे हैवान.
बूँद मिली तो हो वरदान
बूँद से तरसा हैं किसान
बूँद नही तो इस बादल में
देश का डूबा है अभिमान
बूँद से प्यासा हर किसान
बूँद सरकारों का फरमान
बूँद की राजनीति पर देखों
डूब रहा है हर इंसान.
देव चौधरी
Dekha jad vi mein char chuphere mere
Menu disan nazare bas tere hi tere..!!
ਦੇਖਾਂ ਜਦ ਵੀ ਮੈਂ ਚਾਰ ਚੁਫ਼ੇਰੇ ਮੇਰੇ
ਮੈਨੂੰ ਦਿਸਣ ਨਜ਼ਾਰੇ ਬੱਸ ਤੇਰੇ ਹੀ ਤੇਰੇ..!!