Log bhi aaj kal kya khoob wafa nibhate hai niyat apni kharab Doshi kismat ko thehrate hain
लोग भी आज कल क्या खूब वफा निभाते हैं नियत अपनी खराब दोषी किस्मत को ठहराते हैं 💔
Log bhi aaj kal kya khoob wafa nibhate hai niyat apni kharab Doshi kismat ko thehrate hain
लोग भी आज कल क्या खूब वफा निभाते हैं नियत अपनी खराब दोषी किस्मत को ठहराते हैं 💔
Thoda pyaar doge mujhe toh tum par jaan luta dungi
kabhi galti se bhi do kadam jo peeche liye mujhse
teri kasam mai kabhi palat kar bhi nahi dekhungi
थोड़ा प्यार डोगे मुझे तो तुमपर जान लुटा दूंगी
कभी गलती से भी दो कदम जो पीछे लिए मुझसे
तेरी कसम मैं कभी पलट कर भी नही देखूंगी..
उल्टे सीधे सपने पाले बैठे हैं
सब पानी में काँटा डाले बैठे हैं
इक बीमार वसीयत करने वाला है
रिश्ते नाते जीभ निकाल बैठे हैं
बस्ती का मामूल पे आना मुश्किल है
चौराहे पर वर्दी वाले बैठे हैं
धागे पर लटकी है इज़्ज़त लोगों की
सब अपनी दस्तार सँभाले बैठे हैं
साहब-ज़ादा पिछली रात से ग़ायब है
घर के अंदर रिश्ते वाले बैठे हैं
आज शिकारी की झोली भर जाएगी
आज परिंदे गर्दन डाले बैठे हैं