कितना फासला था हमारे दरमियान,
उन्हें हमारा मिलना ज़रूरी नहीं था,
हमें हमारा बिछड़ना मंज़ूर नहीं था……🖤
Enjoy Every Movement of life!
कितना फासला था हमारे दरमियान,
उन्हें हमारा मिलना ज़रूरी नहीं था,
हमें हमारा बिछड़ना मंज़ूर नहीं था……🖤
आंखें अगर कमजोर होती तो शायद दिल ना लगाते..
जब देख ही नहीं पाते, तो उनसे यूंही थोड़ी ना मिल जाते..
ना उनके चेहरे का दीदार होता, ना आँखों में डूब जाते..
ना आज गमों में होते, ना खुद को मुश्किल में पाते..
