Enjoy Every Movement of life!
रोशनी भरी थी राहें मेरी, जाने कब अंधेरी हो गई..
मंजिल की तलाश में राहों से यारी, और भी गहरी हो गई..
जिन मंजिलों से लेना-देना ना था, वो बदली और मेरी हो गई..
गैर मंजिलों को इतना वक्त दिया के, खुद मंजिल मेरी खो गई..
खैर कोशिशों में कोई कमी ना थी, जो नाकाम मेरी हो गई..
मेरी मंजिल की तलाश अब भी जारी है, भले क्यूं ना देरी हो गई..
भले क्यूं ना देरी हो गई..
Ajh phir aaye ne kalje ch haul
te akhiyaan vich pani
kale baithiyaan nu jadon yaad aayi o marzaani
ਅੱਜ ਫਿਰ ਆਏ ਨੇ ਕਾਲਜੇ ‘ਚ ਹੌਲ
ਤੇ ਅੱਖੀਆਂ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ
ਕੱਲੇ ਬੈਠਿਆਂ ਨੂੰ ਜਦੋਂ ਯਾਦ ਆਈ ਓਹ ਮਰਜਾਣੀ
