
rabb manneya c mein jinnu
Aakhir rabb nu pauna enna asan ta nhi hunda Na..!!

ज़िन्दगी सीधे साधे चलना ठीक नही
उबड़ खाबड़ पड़ाव भी जरूरी है,
तैरते तैरते बाजू थक जाएंगे
एक पल के लिए नाव भी जरूरी है,
बदलाव भी जरूरी
ये घाव भी जरूरी है,
इतनी धूप अच्छी नेही
थोड़ी छांव भी जरूरी है..!
हद-ए-शहर से निकली तो,
गांव-गांव चली..
कुछ यादें मेरे संग,
पांव-पांव चली..!
सफर जो धूप का किया तो,
तजुर्बा हुआ..
वो ज़िन्दगी ही क्या जो,
छांव-छांव चली..!!
Nazraan nazraan da farak aa sajhna
Kise nu zehar lagde aa te kise nu shehad
ਨਜ਼ਰਾਂ ਨਜ਼ਰਾਂ ਦਾ ਫਰਕ ਆ ਸੱਜਣਾ
ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਜ਼ਹਿਰ ਲਗਦੇ ਆਂ ਤੇ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਸ਼ਹਿਦ