उतरा है मेरे दिल मे कोई चांद नगर से
अब हो गया इश्क अंधेरे के सफर से
वो बात है तुझमे कोई तुझसा नही कही
नज़र ना लग जाये तुझको मेरी नज़र से
Mukul
Enjoy Every Movement of life!
उतरा है मेरे दिल मे कोई चांद नगर से
अब हो गया इश्क अंधेरे के सफर से
वो बात है तुझमे कोई तुझसा नही कही
नज़र ना लग जाये तुझको मेरी नज़र से
Mukul
Rang roop dekhda reh janda
Kde rooh wal v tak lya kr.
teree aarazoo mera khvaab hai,
jisaka raasta bahut kharaab hai,
mere zakhm ka andaaza na laga,
dil ka har panna dard kee kitaab hai…
तेरी आरज़ू मेरा ख्वाब है,
जिसका रास्ता बहुत खराब है,
मेरे ज़ख़्म का अंदाज़ा ना लगा,
दिल का हर पन्ना दर्द की किताब है…