उतरा है मेरे दिल मे कोई चांद नगर से
अब हो गया इश्क अंधेरे के सफर से
वो बात है तुझमे कोई तुझसा नही कही
नज़र ना लग जाये तुझको मेरी नज़र से
Mukul
Enjoy Every Movement of life!
उतरा है मेरे दिल मे कोई चांद नगर से
अब हो गया इश्क अंधेरे के सफर से
वो बात है तुझमे कोई तुझसा नही कही
नज़र ना लग जाये तुझको मेरी नज़र से
Mukul
Kuch jakham kitaabon mein rakh diye
Kuch ko alfaazon mein smet diya
Kuch fool bankar mile hmein
Aur kuch ne hum hi ko smet diya 💔
कुछ जख्म किताबो में रख दिए
कुछ को अल्फाजो में समेट दिया
कुछ फूल बनकर मिले हमे
और कुछ ने हम ही को समेट दिया💔
