उतरा है मेरे दिल मे कोई चांद नगर से
अब हो गया इश्क अंधेरे के सफर से
वो बात है तुझमे कोई तुझसा नही कही
नज़र ना लग जाये तुझको मेरी नज़र से
Mukul
उतरा है मेरे दिल मे कोई चांद नगर से
अब हो गया इश्क अंधेरे के सफर से
वो बात है तुझमे कोई तुझसा नही कही
नज़र ना लग जाये तुझको मेरी नज़र से
Mukul

तेरे मासूम चेहरे से हमने, काफ़ी धोखे खाए हैं..
धोखे खाकर भी तुझसे हम, इश्क फरमाने आए हैं..
तू बेवफा है फिर भी तेरे लिए, वफ़ा का तोहफा लाए हैं..
तेरी अकड़ कुबूलेगी नहीं, ये सोच के हम घबराऐ हैं..
फिर भी अपना नाजुक दिल, तोहफे में हम रख लाए हैं….