उतरा है मेरे दिल मे कोई चांद नगर से
अब हो गया इश्क अंधेरे के सफर से
वो बात है तुझमे कोई तुझसा नही कही
नज़र ना लग जाये तुझको मेरी नज़र से
Mukul
उतरा है मेरे दिल मे कोई चांद नगर से
अब हो गया इश्क अंधेरे के सफर से
वो बात है तुझमे कोई तुझसा नही कही
नज़र ना लग जाये तुझको मेरी नज़र से
Mukul
kaun khareedega ab heeron ke daam mein tumhaaren aanshoo,
vo jo dard ka saudaagar tha, mohabbat chhod dee usane.
कौन खरीदेगा अब हीरों के दाम में तुम्हारें आंशू,
वो जो दर्द का सौदागर था, मोहब्बत छोड़ दी उसने.
रखना है तो दिल में रखना इस मोहब्बत भरे चेहरे को,
ये वो चेहरा है जो रास्ते पर कभी नजर नहीं आता,
नज़र आते है गुलदस्ते कई जब गलियों में गुजरता हूं,
मै उन गुलदस्तों के लिए रास्ते पर कभी नज़र नहीं आता,
नजरबंद कर लेता हूं रास्ते सारे, दोस्तों के इंतेज़ार में,
यारों के अलावा रास्तों पर मुझे कोई नज़र नहीं आता....