उतरा है मेरे दिल मे कोई चांद नगर से
अब हो गया इश्क अंधेरे के सफर से
वो बात है तुझमे कोई तुझसा नही कही
नज़र ना लग जाये तुझको मेरी नज़र से
Mukul
Enjoy Every Movement of life!
उतरा है मेरे दिल मे कोई चांद नगर से
अब हो गया इश्क अंधेरे के सफर से
वो बात है तुझमे कोई तुझसा नही कही
नज़र ना लग जाये तुझको मेरी नज़र से
Mukul
तेरे ज़ख्म को सीने से लगाए, इस ज़माने में जीने की कोशिश कर रहें हैं।
tere khyaal v akhbaar warge ne
ik din v shutti nai karde
ਤੇਰੇ ਖਿਆਲ ਵੀ ਅਖ਼ਬਾਰ 📰 ਵਰਗੇ ਨੇ,
ਇੱਕ ਦਿਨ ਵੀ ਛੁੱਟੀ ਨਈ ਕਰਦੇ ❤️