उतरा है मेरे दिल मे कोई चांद नगर से
अब हो गया इश्क अंधेरे के सफर से
वो बात है तुझमे कोई तुझसा नही कही
नज़र ना लग जाये तुझको मेरी नज़र से
Mukul
उतरा है मेरे दिल मे कोई चांद नगर से
अब हो गया इश्क अंधेरे के सफर से
वो बात है तुझमे कोई तुझसा नही कही
नज़र ना लग जाये तुझको मेरी नज़र से
Mukul

kahaniyaa reh jandi hai adhoori
kar vishwaas jhoothe lokaa te
pyar na kareyaa karo
tusi kehrra man na ee je me rokaa te
ਕਹਾਣੀਆਂ ਰਹੀਂ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਧੂਰੀ
ਕਰ ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਝੁਠੇ ਲੋਕਾਂ ਤੇ
ਪਿਆਰ ਨਾਂ ਕਰਿਆ ਕਰੋ
ਤੁਸੀਂ ਕੇਹੜਾ ਮੰਨ ਨਾ ਐਂ ਜੇ ਮੈਂ ਰੋਕਾ ਤੇ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷