उतरा है मेरे दिल मे कोई चांद नगर से
अब हो गया इश्क अंधेरे के सफर से
वो बात है तुझमे कोई तुझसा नही कही
नज़र ना लग जाये तुझको मेरी नज़र से
Mukul
उतरा है मेरे दिल मे कोई चांद नगर से
अब हो गया इश्क अंधेरे के सफर से
वो बात है तुझमे कोई तुझसा नही कही
नज़र ना लग जाये तुझको मेरी नज़र से
Mukul

Hun ikalle jehe ho behnde haan
Koi apna nahi zind vichari nu..!!
Jadon da chaddeya tu sanu
Asi chadd ditta duniya sari nu..!!
ਹੁਣ ਇਕੱਲੇ ਜਿਹੇ ਹੋ ਬਹਿੰਦੇ ਹਾਂ
ਕੋਈ ਆਪਣਾ ਨਹੀਂ ਜ਼ਿੰਦ ਵਿਚਾਰੀ ਨੂੰ..!!
ਜਦੋਂ ਦਾ ਛੱਡਿਆ ਤੂੰ ਸਾਨੂੰ
ਅਸੀਂ ਛੱਡ ਦਿੱਤਾ ਦੁਨੀਆਂ ਸਾਰੀ ਨੂੰ..!!