उतरा है मेरे दिल मे कोई चांद नगर से
अब हो गया इश्क अंधेरे के सफर से
वो बात है तुझमे कोई तुझसा नही कही
नज़र ना लग जाये तुझको मेरी नज़र से
Mukul
Enjoy Every Movement of life!
उतरा है मेरे दिल मे कोई चांद नगर से
अब हो गया इश्क अंधेरे के सफर से
वो बात है तुझमे कोई तुझसा नही कही
नज़र ना लग जाये तुझको मेरी नज़र से
Mukul
Upar jiska ant na ho use aasmaa kehte hai
aur dharti par jiska ant na ho use maa kehte hai
उपर जिसका अंत ना हो उसे आसमां कहते हैं,
और धरती पर जिसका अंत नहीं उसे माँ कहते हैं।
-विक्रम
bahut aukhaa langh reha hai
har ik pal tere bina
tera taa sarghiaa hona
par mera ni sarda tere bina
ਬਹੁਤ ਔਖਾਂ ਲੰਘ ਰਿਹਾ ਹੈ
ਹਰ ਇੱਕ ਪਲ ਤੇਰੇ ਬਿਨਾ
ਤੇਰਾਂ ਤਾਂ ਸਰਘੀਆਂ ਹੋਣਾ
ਪਰ ਮੇਰਾ ਨੀ ਸਰਦਾ ਤੇਰੇ ਬਿਨਾ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ