
Ke es jag de dar ton jhakiye na..!!
Aas tere ton bas teri rakhiye
Koi hor umeed asi rakhiye na..!!

Je ithe nahi taa mili mainu ruhaani duniyaa vich
me padeyaa si othe mohobat poori hundi e eh kitaaba vich
me siweyaa vich intezaar karanga tera
asi fir ik ho jaana ee har janamaa vich
ਜੇ ਇਥੇ ਨਹੀਂ ਤਾਂ ਮਿਲੀ ਮੈਨੂੰ ਰੁਹਾਨੀਂ ਦੁਨੀਆਂ ਵਿੱਚ
ਮੈਂ ਪੜੇਆ ਸੀ ਓਥੇ ਮਹੋਬਤ ਪੂਰੀ ਹੁੰਦੀ ਐਂ ਏਹ ਕਿਤਾਬਾਂ ਵਿੱਚ
ਮੈਂ ਸਿਵਿਆਂ ਵਿੱਚ ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਕਰਾਂਗਾ ਤੇਰਾਂ
ਅਸੀਂ ਫਿਰ ਇੱਕ ਹੋਜਾਣਾ ਐਂ ਹਰ ਜਨਮਾ ਵਿਚ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
एक रात जब दरवाजे पर दस्तक हुई, तो लगा कोई आया होगा..
आख़िर देर रात ये है कौन। कहीं कोई बुरी खबर तो ना लाया होगा..?
बिस्तर से उठा घबराहट के साथ, रात ताला भी तो लगाया होगा..
चाबी ना जाने कहां रख दी मैंने, ऐसा होगा, रात दिमाग में ना आया होगा..
चाबी लेकर दौड़ा दरवाजे की ओर, दरवाजा तो खोलू, शायद कोई घबराया होगा..
दरवाज़ा खोला कोई नहीं था, ये कोई मज़ाक का वक़्त है, जो दरवाज़ा खटखटाया
होगा..
ना जाने कौन था ये, जो इतनी रात गऐ मेरे दर पे आया होगा..?
पूरी रात निकल गई सोचने में, ये मेरा वहम था, या सच में कोई आया होगा..