Kismat buri c ja me hi bura
eh faisla na ho sakeya
me har kise da ho gya
koi mera na ho sakeya
ਕਿਸਮਤ ਬੁਰੀ ਸੀ ਜਾਂ ਮੈਂ ਹੀ ਬੁਰਾ
ਇਹ ਫੈਸਲਾ ਨਾ ਹੋ ਸਕਿਆ
ਮੈਂ ਹਰ ਕਿਸੇ ਦਾ ਹੋ ਗਿਆ
ਕੋਈ ਮੇਰਾ ਨਾ ਹੋ ਸਕਿਆ
Kismat buri c ja me hi bura
eh faisla na ho sakeya
me har kise da ho gya
koi mera na ho sakeya
ਕਿਸਮਤ ਬੁਰੀ ਸੀ ਜਾਂ ਮੈਂ ਹੀ ਬੁਰਾ
ਇਹ ਫੈਸਲਾ ਨਾ ਹੋ ਸਕਿਆ
ਮੈਂ ਹਰ ਕਿਸੇ ਦਾ ਹੋ ਗਿਆ
ਕੋਈ ਮੇਰਾ ਨਾ ਹੋ ਸਕਿਆ
vo bhee jinda hai,
main bhee jinda hoon,
qatl sirph ishq ka hua hai.….
वो भी जिन्दा है, मैं भी जिन्दा हूँ,
क़त्ल सिर्फ इश्क़ का हुआ है.….
ये किसने जेल में लाया खाना हाय अल्लाह,
मुजरिम का भी है कोई दीवाना हाय अल्लाह।
ये मज्मा भी मेरे रोने पे बजाता है ताली,
किसको सुनाएं अपना अफ़साना हाय अल्लाह।
अब क्या कि जुर्म किसने की है क़ुसुर है किसका,
अब तो लगा है मुझपर जुर्माना हाय अल्लाह।
मेरी नज़र क्या उस पे है सबकी नज़र मुझ पे है,
पूरा शहर है उसका दीवाना हाय अल्लाह।
वो मुझसे मिलता है रोज़ाना मगर नतीजा ये,
देखो तो लगता है वो बेगाना हाय अल्लाह।
जब भी किसी ने पूछा है धोखा कब मिला फिर तो,
बचपन का याद आए याराना हाय अल्लाह।
शिकवा नहीं है उससे बस दुख ‘अमीम’ इतना है,
क्यों मेरा लौट आया नज़राना हाय अल्लाह