
Dil kachh de sheeshe vaang tarrde taan bade vekhe
par jodhda koi na vekheya
mandiraan ch lokaan nu nak ragarrde vekheyaa
aapne andron us nu paun vala koi naa vekhyea

Dil kachh de sheeshe vaang tarrde taan bade vekhe
par jodhda koi na vekheya
mandiraan ch lokaan nu nak ragarrde vekheyaa
aapne andron us nu paun vala koi naa vekhyea
Har kaamyabi ke piche
Aurat ka hath chipa hota hai
Har fauji ke naam piche
Maut ka kaal chipa hota hai
Har sangeet ke piche
Sur aur taal chipa hota hai
Agar achi batein kar leta hu to
Har shayar ke piche ek kayar chipa hota hai..:-)
ਹਰ ਕਾਮਯਾਬੀ ਕੇ ਪਿੱਛੇ
ਔਰਤ ਕਾ ਹੱਥ ਛਿਪਾ ਹੋਤਾ ਹੈ
ਹਰ ਫ਼ੌਜੀ ਕੇ ਨਾਮ ਪਿੱਛੇ
ਮੌਤ ਕਾ ਕਾਲ ਛਿਪਾ ਹੋਤਾ ਹੈ
ਹਰ ਸੰਗੀਤ ਕੇ ਪਿੱਛੇ
ਸੁਰ ਔਰ ਤਾਲ ਛਿਪਾ ਹੋਤਾ ਹੈ
ਅਗਰ ਅੱਛੀ ਬਾਤੇ ਕਰ ਲੇਤਾ ਹੂ ਤੋ
ਹਰ ਸ਼ਾਇਰ ਕੇ ਪਿੱਛੇ ਇਕ ਕਾਇਰ ਛਿਪਾ ਹੋਤਾ ਹੈ..:-)
वन्य जीवों का पता लगाओ ,
सब मिलकर राष्ट्रीय “पशु ” बाघ बचाओ ।
जंगलो को कटने से बचायें ,
जंगल जा -जाकर बाघों का पता लगायें ।
अब पूरे भारत में चौदह सौ ग्यारह बाघ बचे हैं ,
उनमें से आधे तो अभी बच्चे हैं ।
उन्हें बचाने के खातिर जंगल न काटें ,
जगह -जगह पेड़ लगाने के लिए लोगों को बाटें ।
राष्ट्रीय पशु “बाघ” हम सब को बचना है ,
जंगलों को हरा-भरा और बनाना है । रहता वन में और हमारे,
संग-साथ भी रहता है ।
यह गजराज तस्करों के,
ज़ालिम-ज़ुल्मों को सहता है ।।
समझदार है, सीधा भी है,
काम हमारे आता है ।
सरकस के कोड़े खाकर,
नूतन करतब दिखलाता है ।।
मूक प्राणियों पर हमको तो,
तरस बहुत ही आता है ।
इनकी देख दुर्दशा अपना,
सीना फटता जाता है ।।
वन्य जीव जितने भी हैं,
सबका अस्तित्व बचाना है,
जंगल के जीवों के ऊपर,
दया हमें दिखलाना है ।
वृक्ष अमूल्य धरोहर हैं,
इनकी रक्षा करना होगा ।
जीवन जीने की खातिर,
वन को जीवित रखना होगा ।।
तनिक-क्षणिक लालच को,
अपने मन से दूर भगाना है ।
धरती का सौन्दर्य धरा पर,
हमको वापिस लाना है ।।