Bechain haa me eh soch-soch ke
jaan taa ohdi v sukdi hou
meriyaa yaada de panne fol ke…
ਬੇਚੈਨ ਹਾਂ ਮੈਂ ਇਹ ਸੋਚ-ਸੋਚ ਕੇ,
ਜਾਨ ਤਾਂ ਓਹਦੀ ਵੀ ਸੁੱਕਦੀ ਹੋਊ
ਮੇਰੀਆਂ ਯਾਦਾਂ ਦੇ ਪੰਨੇ ਫੋਲ ਕੇ…….❤
#Aman
बादशाह अकबर की यह आदत थी कि वह अपने दरबारियों से तरह-तरह के प्रश्न किया करते थे। एक दिन बादशाह ने दरबारियों से प्रश्न किया, “अगर सबकी दाढी में आग लग जाए, जिसमें मैं भी शामिल हूं तो पहले आप किसकी दाढी की आग बुझायेंगे?”
“हुजूर की दाढी की” सभी सभासद एक साथ बोल पड़े।
मगर बीरबल ने कहा – “हुजूर, सबसे पहले मैं अपनी दाढी की आग बुझाऊंगा, फिर किसी और की दाढी की ओर देखूंगा।”
बीरबल के उत्तर से बादशाह बहुत खुश हुए और बोले- “मुझे खुश करने के उद्देश्य से आप सब लोग झूठ बोल रहे थे। सच बात तो यह है कि हर आदमी पहले अपने बारे में सोचता है।”