Haaseyan de naal kise sog di trah..!!
Lagja tu rooh nu koi rog di trah..!!
ਹਾਸਿਆਂ ਦੇ ਨਾਲ ਕਿਸੇ ਸੋਗ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ..!!
ਲੱਗ ਜਾ ਤੂੰ ਰੂਹ ਨੂੰ ਕੋਈ ਰੋਗ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ..!!
Haaseyan de naal kise sog di trah..!!
Lagja tu rooh nu koi rog di trah..!!
ਹਾਸਿਆਂ ਦੇ ਨਾਲ ਕਿਸੇ ਸੋਗ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ..!!
ਲੱਗ ਜਾ ਤੂੰ ਰੂਹ ਨੂੰ ਕੋਈ ਰੋਗ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ..!!
शाम बीती और रात हुई, गमों की फिर बरसात हुई..
तुझे भुलने को फिर से जाम पिया, गलती फिर मेरे हाथ हुई..
फिर से बहक गए लफ्ज मेरे, लफ्जों पे फिर से दात हुई..
दिलजले थे वहां कई मुझ जैसे, उनकी भी इश्क में मात हुई..
वही एक तरह का हर किस्सा, इश्क की भी भला कोई जात हुई..
हर कहानी ख़ुशी से शुरू हुई, ख़तम आंसुओं के साथ हुई..
महफिल को छोड़ चले घर की ओर, तन्हाई से फिर मुलाकात हुई..
तेरी याद बढ़ गई हर जाम के साथ, भला ये भी कोई बात हुई..
Pattharo se mohabbat ka sawal karte ho💔
Tum bhi galib kamal karte ho😊
पथरों से मोहोब्बत का सवाल करते हो💔
तुम भी ग़ालिब कमाल करते हो😊