Skip to content

Koyal aati hai || hindi koyal poetry

डाल हिलाकर आम बुलाता
तब कोयल आती है।
नहीं चाहिए इसको तबला, 
नहीं चाहिए हारमोनियम,
छिप-छिपकर पत्तों में यह तो
गीत नया गाती है!

चिक्-चिक् मत करना रे निक्की,
भौंक न रोजी रानी,
गाता एक, सुना करते हैं
सब तो उसकी बानी।

आम लगेंगे इसीलिए यह
गाती मंगल गाना,
आम मिलेंगे सबको, इसको
नहीं एक भी खाना।

सबके सुख के लिए बेचारी
उड़-उड़कर आती है,
आम बुलाता है, तब कोयल
काम छोड़ आती है।

Title: Koyal aati hai || hindi koyal poetry

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


 जंगल की सैर

जग की हलचल तज उस ओर
जहाँ बसा है जंगल घोर
आओ आज वहां घूमेंगे
खुशियों में भरकर झूमेंगे
घने घने वन बने जहाँ पर
तरु समूह हैं तने जहाँ पर
जहाँ झाड़ियाँ खड़ी हुई हैं
पग पग बेलें पड़ी हुई हैं.
 
पथ है जहाँ बनाना मुश्किल
आदि अंत कुल पाना मुश्किल
जिसके भीतर जाना मुश्किल
जाकर के फिर आना मुश्किल
 
जंगल यह पशुओं का घर है
राजा जिनका शेर बबर है
कभी कभी जब वह दहाड़ता
आसमान के कान फाड़ता
 
इधर खड़ा है देखो चीता
झरने के तट पानी पीता
इसके तन पर काली धारी
यह है हिंसक मांसाहारी
 
देखों इधर तेंदुआ आता
बिल्ली का वंशज कहलाता
बिल्ली इसकी नानी लगती
किंतु देखते ही है भगती
 
हाथी सूंड उठाते हैं ये
ढेरों खाना खाते हैं ये
मस्त चाल से जाते हैं ये
वन में रौंद मचाते हैं ये
 
झाड़ी के अंदर खामोश
देखों बैठा है खरगोश
टूंग टूंग खाता है घास
कभी नहीं आता है पास
 
उधर हिरन भागे जाते है
चंचल ये मृग कहलाते हैं
पतली पतली इनकी टाँगें
कभी चौकड़ी कभी छंलागे
 
सुंदर इनके नयन सलौने
प्यारे लगते इनके छौने
सीधे सादे भोले भाले
जो भी चाहे इनको पाले
 

Title:  जंगल की सैर


Rakh bacha ke zindarhi nu || sad but true lines || ghaint status

Rooh khush Howe taan dard vi mithde mithde jaapn ji
Man uth jawe taa khushiya vi fer zehar hi lag diyan..!!
“Roop” rakh bacha ke zindarhi nu fir Russ hi jawe na
Lag na jawan hundiya nazra buriya jagg diyan🙌..!!

ਰੂਹ ਖੁਸ਼ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਦਰਦ ਵੀ ਮਿੱਠੜੇ ਮਿੱਠੜੇ ਜਾਪਣ ਜੀ
ਮਨ ਉੱਠ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਖੁਸ਼ੀਆਂ ਵੀ ਫਿਰ ਜ਼ਹਿਰ ਹੀ ਲੱਗ ਦੀਆਂ..!!
“ਰੂਪ” ਰੱਖ ਬਚਾ ਕੇ ਜ਼ਿੰਦੜੀ ਨੂੰ ਫਿਰ ਰੁੱਸ ਹੀ ਜਾਵੇ ਨਾ
ਲੱਗ ਨਾ ਜਾਵਣ ਹੁੰਦੀਆਂ ਨਜ਼ਰਾਂ ਬੁਰੀਆਂ ਜੱਗ ਦੀਆਂ🙌..!!

Title: Rakh bacha ke zindarhi nu || sad but true lines || ghaint status