zindagi da kujh pata nahi
maut da bas hun intezaar hai
hun aas v nahi bachan di
mera jina v kehdha kise de lai khaas hai
ਜਿੰਦਗੀ ਦਾ ਕੁਝ ਪਤਾ ਨਹੀਂ
ਮੋਤ ਦਾ ਬਸ ਹੁਣ ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਹੈ
ਹੁਣ ਆਸ ਵੀ ਨਹੀਂ ਬਚਨ ਦੀ
ਮੇਰਾ ਜਿਨਾ ਵੀ ਕੇਹੜਾ ਕਿਸੇ ਦੇ ਲਈ ਖਾਸ ਹੈ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
zindagi da kujh pata nahi
maut da bas hun intezaar hai
hun aas v nahi bachan di
mera jina v kehdha kise de lai khaas hai
ਜਿੰਦਗੀ ਦਾ ਕੁਝ ਪਤਾ ਨਹੀਂ
ਮੋਤ ਦਾ ਬਸ ਹੁਣ ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਹੈ
ਹੁਣ ਆਸ ਵੀ ਨਹੀਂ ਬਚਨ ਦੀ
ਮੇਰਾ ਜਿਨਾ ਵੀ ਕੇਹੜਾ ਕਿਸੇ ਦੇ ਲਈ ਖਾਸ ਹੈ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
लिखता मैं किसान के लिए
मैं लिखता इंसान के लिए
नहीं लिखता धनवान के लिए
नहीं लिखता मैं भगवान के लिए
लिखता खेत खलियान के लिए
लिखता मैं किसान के लिए
नहीं लिखता उद्योगों के लिए
नहीं लिखता ऊँचे मकान के लिए
लिखता हूँ सड़कों के लिए
लिखता मैं इंसान के लिए
क़लम मेरी बदलाव बड़े नहीं लाई
नहीं उम्मीद इसकी मुझे
खेत खलियान में बीज ये बो दे
सड़क का एक गढ्ढा भर देती
ये काफ़ी इंसान के लिए
लिखता हूँ किसान के लिए
लिखता मैं इंसान के लिए
आशा नहीं मुझे जगत पढ़े
पर जगत का एक पथिक पढ़े
फिर लाए क्रांति इस समाज के लिए
इसलिए लिखता मैं दबे-कुचलों के लिए
पिछड़े भारत से ज़्यादा
भूखे भारत से डरता हूँ
फिर हरित क्रांति पर लिखता हूँ
फिर किसान पर लिखता हूँ
क्योंकि
लिखता मैं किसान के लिए
लिखता मै इंसान के लिए
Apne dil ki sun afwaho se kaam na le
Mujhe yad rakh beshaq mera naam na le🙏
Tera veham hai ki mai bhula hu tujhe
Meri koi saas nahi jo tera naam na le😍
अपने दिल की सुन अफवाहों से काम न ले
मुझे याद रख बेशक मेरा नाम न ले🙏
तेरा वहम है कि मैं भूला हूँ तुझे
मेरी कोई सांस नहीं जो तेरा नाम न ले😍