Kujh tutte kwaab
te kujh tutteyaan umeedan
bas is da hi naam zindagi hai
ਕੁੱਝ ਟੁੱਟੇ ਖਵਾਬ
ਤੇ ਕੁਝ ਟੁੱਟੀਆਂ ਉਮੀਦਾਂ
ਬਸ ਇਸ ਦਾ ਨਾਮ ਹੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਹੈ
Kujh tutte kwaab
te kujh tutteyaan umeedan
bas is da hi naam zindagi hai
ਕੁੱਝ ਟੁੱਟੇ ਖਵਾਬ
ਤੇ ਕੁਝ ਟੁੱਟੀਆਂ ਉਮੀਦਾਂ
ਬਸ ਇਸ ਦਾ ਨਾਮ ਹੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਹੈ
ek me hu kiya na kabhi sawaal koi
ek tum ho, jiska koi jawaab nahi
एक मैं हूँ , किया ना कभी सवाल कोई
एक तुम हो , जिसका कोई जवाब नहीं.
अंकुर मिट्टी में सोया था सपने मै खोया था
नन्हा बीज हवा ने लाकर एक जगह बोया था।
तभी बीज ने ली अंगड़ाई देह जरा सी पाई
आंख खोलकर बाहर आया, दुनिया पड़ी दिखाई
खाद्य मिली पानी भी पाया ऐसे जीवन आया
ऊपर बड़ा इधर, धरती में नीचे उधर समाया।
तने डालिया पत्ते आए और फल मुस्कराए
नन्हा बीज वृक्ष बनकर धरती पर लहराए।
जीता मरता रोगी होता दुख आने पर सोता
वृक्ष सांस लेता बढ़ता है जगता है फिर सोता।
रोज शाम को चिड़िया आती सारी रात बिताती
बड़े सवेरे जाग वृक्ष, पर ची ची ची ची गाती।
छाया आती बड़ी सुआती सब टोली झूट जाती
तरह तरह के खेल वर्क्ष के नीचे बैठ रचती।