Kya tareef kare ham unki
woh muskuraa kar zindagiaa barbaad karte hai
ਕਯਾ ਤਾਰਿਫ ਕਰੇਂ ਹਮ ਉਨਕੀ
ਵੋ ਮੁਸਕੁਰਾ ਕਰ ਜ਼ਿੰਦਗੀਆਂ ਬਰਬਾਦ ਕਰਤੇ ਹੈਂ
क्या तारीफ करें हम उनकी
वोह मुस्कुरा कर जिन्दगी आ बर्बाद करते हैं
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
Kya tareef kare ham unki
woh muskuraa kar zindagiaa barbaad karte hai
ਕਯਾ ਤਾਰਿਫ ਕਰੇਂ ਹਮ ਉਨਕੀ
ਵੋ ਮੁਸਕੁਰਾ ਕਰ ਜ਼ਿੰਦਗੀਆਂ ਬਰਬਾਦ ਕਰਤੇ ਹੈਂ
क्या तारीफ करें हम उनकी
वोह मुस्कुरा कर जिन्दगी आ बर्बाद करते हैं
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷

“फिर आज युंहिं मौसम बदला, चहकती
देखो हर एक डाल है..
मद्धम सी बरसात हुई, छिल गई कई पेड़ों की छाल है..
हर पत्ते हर डाली ने पूछा, क्या दर्द हुआ? क्या तेरा हाल है..
कहा हुआ हूं, नया मैं फिर से, क्या जानो तुम कुदरत कमाल है..
मुझको ताकत दी है इतनी, शक्ति मेरी बेमिसाल है..
हर जीव में सांसें भरता हूं, सब करते मेरा इस्तेमाल है..
काटेंगे मुझे तो भुगतेंगे, कुदरत का कहर सबसे विशाल है..
बे-मौसम जो मौसम बदल रहे हैं, जवाब पता है, फिर भी सवाल है..”