ना तुमने कुछ कहा ना बताया हमने ..!!
क्यों करते है प्यार तुमसे क्यों अपनाया हमने..!!
Na tumne kuch kha na btaya humne
Kyu karte hai pyar tumse kyu apnaya humne
ना तुमने कुछ कहा ना बताया हमने ..!!
क्यों करते है प्यार तुमसे क्यों अपनाया हमने..!!
Na tumne kuch kha na btaya humne
Kyu karte hai pyar tumse kyu apnaya humne
हमने डूबते सूरज की एक शाम को अपना किरदार बदल डाला,
के उस मोहब्बत की चुभन को शायरी का नजमा दे डाला,
लोग मेरी तकरीरों पर वाह वाही दे रहे थे,
भीड़ में कुछ लोग ताली बजाकर, तो कुछ लोग अपनी नाकाम मोहब्बत की दलील दे रहे थे।
महफिल के शोर से एक जानी पहचानी सी आवाज आई,
तू आज भी आगे नहीं बढ़ा की उसने गुहार लगाई,
उसकी इस शिकायत में परवान था पुराने यारो का ।
मै हैरान था कौन था यह शक्स
अनजानों की भीड़ में जिसने मेरे शब्दो में छुपी नाकाम मोहब्बत को पहचाना था,
मुस्कुराता हुआ सामने आया तब समझ आया अरे यह तो यार पुराना था।
Darr sa lagta gaya;
Jab wo mujhe naa mila;
Khuda se kaha ,
Aye khuda dilade mujhe;
Khuda ne bhi afsos se kaha;
Kaise Dilau , jab wo tera tha hi nahi…
_SHIZA