Kyu aayi si meri zindagi vich j mera hona hi nahi si
Kyo chaya si menu j menu chauna hi ni si
Kyu aayi si meri zindagi vich j mera hona hi nahi si
Kyo chaya si menu j menu chauna hi ni si

dil de dard nu dil todhan wale ki janan
kinni hundi aa takleef, maut vich
upron ful chadhaun wale ki janan
खमियाज़ा ए ज़िन्दगी हर पल मिलता है,
कोई कुछ वक्त तो कोई ज़िन्दगी भर साथ चलता है...
मैं अपनी राहों पर अब अकेले निकाल आया हूं,
जो वक्त सबका था कुछ अपने लिए लाया हूं...
शीशे की कब्र में दफ्न जैसे कोई राज़ हूं,
बरसों से अनसुना जैसे कोई साज़ हूं...
ज़िन्दगी का हाथ थाम कर अब चलने की गुज़ारिश है,
सपनों से तर आगे समंदर और बारिश है...
इक दिन समंदर और बारिश भी पार कर जाऊंगा,
सबकी नज़रें होगी मुझपे और मैं ज़िन्दगी गुलज़ार कर जाऊंगा....