Kyu aayi si meri zindagi vich j mera hona hi nahi si
Kyo chaya si menu j menu chauna hi ni si
Kyu aayi si meri zindagi vich j mera hona hi nahi si
Kyo chaya si menu j menu chauna hi ni si
अपना हाल–ऐ–दिल बयां करने निकला तो,
वे कहने लगे एक–तरफा इश्क़ कुछ नहीं होता।
रुस्वाही समझकर,निराश भटकने लगे।।
जनाब को कोई समझाओ….
एक–तरफा इश्क़ में रोज़ दिल टूटते हैं,
आस रहती है, कभी मुड़कर हम्पें नजर पड़े उनकी,
हर रोज़ एक नई कहानी बनती है उनके साथ,
बस ख्यालों में जीते हैं……….
हमारी दास्तां….
बस ये कोरे पन्ने सुनते हैं,
डर है कि किसी रोज़ ये जलकर काले न हो जाएं।।।
ये ज़िन्दगी….
ये ज़िन्दगी बहुत ही अज़ीब है यारो
कोई मौत से डरता है…तो कोई जीते जी मरता है
हर किसी को ज़िन्दगी से मोहोब्बत होती है
और जीवन खोने से हर किसी का दिल डरता है
किसी को हँसाती और किसी को रुलाती है ये ज़िन्दगी
और दिल रो रो कर यूँ ही आहें भरता है
किसी का शोंक बन जाती है…और कोई गले लगाना चाहता है इसे..
लेकिन “रूप” नफ़रत तो उसे हो जाती है इस ज़िन्दगी से
जो मोहोब्बत किसी से बेशूमार करता है….
Ye zindagi bhut hi azib hai yaaro
Koi maut se drta hai..to koi jite ji mrta hai
Har kisiko zindagi se mohobbat hoti hai
Or jivan khone se har kisi ka dil drta hai
Kisi ko hsaati or kisi ko rulati hai j zindagi
Or dil ro ro kr yun hi aanhein bharta hai
Kisi ka shonk bn jati hai…or koi gle lgana chahta hai ise…
Lekin “Rup” nfrt to use ho jati hai is zindagi se
Jo mohobbat kisi se beshumar krta hai…