Badhi bariki de naal todheya ohne
har kona dil da
sach kahan tan
ohda eh hunar la-jawab a
ਬੜੀ ਬਰੀਕੀ ਨਾਲ ਤੋੜਿਆ ਉਹਨੇ
ਹਰ ਕੋਨਾ ਦਿਲ ਦਾ
ਸੱਚ ਕਹਾਂ ਤਾਂ
ਉਹਦਾ ਇਹ ਹੁਨਰ ਲਾ-ਜ਼ਵਾਬ ਆ
Badhi bariki de naal todheya ohne
har kona dil da
sach kahan tan
ohda eh hunar la-jawab a
ਬੜੀ ਬਰੀਕੀ ਨਾਲ ਤੋੜਿਆ ਉਹਨੇ
ਹਰ ਕੋਨਾ ਦਿਲ ਦਾ
ਸੱਚ ਕਹਾਂ ਤਾਂ
ਉਹਦਾ ਇਹ ਹੁਨਰ ਲਾ-ਜ਼ਵਾਬ ਆ
ना हुस्न से, ना सूरत से, ना तेरी अदाओं से दिल बेचैन है…
तेरे जिस्म का घायल करने वाला हिस्सा, तो सिर्फ़ तेरे नैन हैं..
देखा जो तूने, लगा लहरों पे चलती, ठंडी हवाओं का झोंका है..
क्या समझ इस इशारे में, कुछ था, या मेरी नजरों का धोखा है..
अब ना दिन में चैन है, ना रातों को सुकून मिलता है..
क्या तुझे लगता है, के किसी रांझे से मेरा खून मिलता है..??
अब तू ही सुलझा ये गुत्थी, जो मेरे ज़हन में चल रही है..
क्या ये आग ठीक है, प्यार की, जो मेरे सीने में जल रही है..?
क्या इतना ही जरूरी है इश्क जताना
हर बात पे रूठे हुओ को मनाना
कुछ बाते अनकही भी कहे है
जरूरी नहीं होता है बात पे सर झुकाना