
Kive mull chukawan us karaz da..!!
Tere rang ch rangi rooh nu Jo lagga
Koi labhde ilaz us maraz da..!!

तू क्यूं उसे इस क़दर तांक रहा है,
हां वही फकीर, जो वहां नाच रहा है…
मुस्कुरा रहा है तू उसकी फटी कमीज़ देखकर,
देख, वो भी हंस रहा है तेरी तमीज़ देखकर…
सोच मत, के उसकी किस्मत तुझसे हारी है,
उसकी खाली जेब तेरे पैसों से ज्यादा भारी है…
वो तो हर घर दुआएं बांटता है,
जैसे हर दर खुदाए बांटता है…
मखमल का बिछौना तुझे रास नहीं आता,
देख, वो घास में सोने से बाज़ नहीं आता…
छुपाता है तू असलियत झूठी मुस्कान के पीछे,
कितना सुकून है उसकी हर मुस्कान के पीछे…
Beparwaah de shehar vich hawas de pujaari vasde ne
jithe dilaa te thokraa vajhdiyaa, jisma de mul laghde ne
ਬੇਪਰਵਾਹਾਂ ਦੇ ਸ਼ਹਿਰ ਵਿੱਚ ਹਵਸ ਦੇ ਪੁਜਾਰੀ ਵੱਸਦੇ ਨੇ,,
ਜਿੱਥੇ ਦਿੱਲਾ ਤੇ ਠੋਕਰਾਂ ਵੱਜਦੀਆਂ,ਜਿਸਮਾ ਦੇ ਮੁੱਲ ਲੱਗਦੇ ਨੇ।