
Labhde nahi alfaaz dard byan karn nu
ronda e dil rooh chahundi e maran nu
jadon gaye is bekadri duniyaa ton
koi murjaayea ful v nai labhna sadhi kabar
te dharan nu

Labhde nahi alfaaz dard byan karn nu
ronda e dil rooh chahundi e maran nu
jadon gaye is bekadri duniyaa ton
koi murjaayea ful v nai labhna sadhi kabar
te dharan nu
कांटों से लिपट कर हम सो गए ,
वो फूलों पर करवट बदलते रहे,
वो सोए रहे सुकून से मखमली बिस्तर पर
और हम चिराग की तरह जलते रहे,,
अरे वो तो कब का छोड़ चुके थे मेरा साथ बीच रस्ते में,
और एक हम थे कि वो मेरे साथ है ये सोच कर बस चलते रहे,,
मैं तो हर मोड़ पर साथ था उनके, बचाता रहा उन्हें हर ठोकरों से,
और एक वो है जो मुझे ठोकर मारा कर चले गए, और हम खुद ही गिरते रहे संभलते रहे,,
फिर भी मुझे कोई गिला नहीं, कोई शिकवा नहीं,
हो जाए अगर मुकम्मल इश्क तो फिर वो इश्क ही क्या, ओर इश्क का मजा ही क्या,
यारो इश्क का मजा तो तब है जब दर्द मिलते रहे और दिल जलते रहे, दर्द मिलते रहे और दिल जलते रहे।।
नितीश कुमार ✍️
Ohna dardan ch choor ho vi khush haan
Jo tere layi tabahi ho gayi..!!
Aah nikle peedhan di sade lafzan chon
Te tere layi vaho-vahi ho gayi..!!
ਉਹਨਾਂ ਦਰਦਾਂ ‘ਚ ਚੂਰ ਹੋ ਵੀ ਖੁਸ਼ ਹਾਂ
ਜੋ ਤੇਰੇ ਲਈ ਤਬਾਹੀ ਹੋ ਗਈ..!!
ਆਹ ਨਿਕਲੇ ਪੀੜਾਂ ਦੀ ਸਾਡੇ ਲਫ਼ਜ਼ਾਂ ਚੋਂ
ਤੇ ਤੇਰੇ ਲਈ ਵਾਹੋ-ਵਾਹੀ ਹੋ ਗਈ..!!