
Labhde nahi alfaaz dard byan karn nu
ronda e dil rooh chahundi e maran nu
jadon gaye is bekadri duniyaa ton
koi murjaayea ful v nai labhna sadhi kabar
te dharan nu

Labhde nahi alfaaz dard byan karn nu
ronda e dil rooh chahundi e maran nu
jadon gaye is bekadri duniyaa ton
koi murjaayea ful v nai labhna sadhi kabar
te dharan nu
सर में सौदा भी नहीं दिल में तमन्ना भी नहीं
लेकिन इस तर्क-ए-मोहब्बत का भरोसा भी नहीं
दिल की गिनती न यगानों में न बेगानों में
लेकिन उस जल्वा-गह-ए-नाज़ से उठता भी नहीं
मेहरबानी को मोहब्बत नहीं कहते ऐ दोस्त
आह अब मुझ से तिरी रंजिश-ए-बेजा भी नहीं
एक मुद्दत से तिरी याद भी आई न हमें
और हम भूल गए हों तुझे ऐसा भी नहीं
आज ग़फ़लत भी उन आँखों में है पहले से सिवा
आज ही ख़ातिर-ए-बीमार शकेबा भी नहीं
बात ये है कि सुकून-ए-दिल-ए-वहशी का मक़ाम
कुंज-ए-ज़िंदाँ भी नहीं वुसअ’त-ए-सहरा भी नहीं
अरे सय्याद हमीं गुल हैं हमीं बुलबुल हैं
तू ने कुछ आह सुना भी नहीं देखा भी नहीं
आह ये मजमा-ए-अहबाब ये बज़्म-ए-ख़ामोश
आज महफ़िल में ‘फ़िराक़’-ए-सुख़न-आरा भी नहीं
ये भी सच है कि मोहब्बत पे नहीं मैं मजबूर
ये भी सच है कि तिरा हुस्न कुछ ऐसा भी नहीं
यूँ तो हंगामे उठाते नहीं दीवाना-ए-इश्क़
मगर ऐ दोस्त कुछ ऐसों का ठिकाना भी नहीं
फ़ितरत-ए-हुस्न तो मा’लूम है तुझ को हमदम
चारा ही क्या है ब-जुज़ सब्र सो होता भी नहीं
मुँह से हम अपने बुरा तो नहीं कहते कि ‘फ़िराक़’
है तिरा दोस्त मगर आदमी अच्छा भी नहीं
Satt dil te dhoongi badhi vaji aa
ni jo shayar bna chali aa
kalam chakni nahi c
aah tutti yaari teri chakwa chali aa
oh bol mere hanjuaa wangu kapi ute dige aa
oh sehaj ne likhne nahi c
oh tu aap likhwa chali aa
sat dil te dhoongi badhi vajhi aa
ni jo shayar bna chali aa
ni jo shayar bna chali aa
ਸਟ ਦਿਲ ਤੇ ਡੂੰਗੀ ਬੜੀ ਵਜੀ ਆ …
ਨੀ ਜੋ ਸ਼ਾਇਰ ਬਣਾ ਚਲੀ ਆ…
ਕਲਮ ਚਕਣੀ ਨਹੀਂ ਸੀ
ਆਹ ਟੁੱਟੀ ਯਾਰੀ ਤੇਰੀ ਚਕਵਾ ਚਲੀ ਆ…
ਉਹ ਬੋਲ ਮੇਰੇ ਹੰਜੂਆ ਵਾਂਗੂ ਕਾਪੀ ਉਤੇ ਡਿੱਗੇ ਆ
ਉਹ ਸਹਿਜ ਨੇ ਲਿਖਣਾ ਨਹੀਂ ਸੀ…
ਉਹ ਤੂ ਆਪ ਲਿਖਵਾ ਚਲੀ ਆ…
ਸਟ ਦਿਲ ਤੇ ਡੂੰਗੀ ਬੜੀ ਵਜੀ ਆ
ਨੀ ਜੋ ਸ਼ਾਇਰ ਬਣਾ ਚਲੀ ਆ…
ਨੀ ਜੋ ਸ਼ਾਇਰ ਬਣਾ ਚਲੀ ਆ…
-ਸਹਿਜ✍️