Mere chehre nu padhna har kise de vas di gal nahi hai,
es kitab vich lafazaan di tha jajhbaat likhe hoye ne
ਮੇਰੇ ਚਿਹਰੇ ਨੂੰ ਪੜਨਾ ਹਰ ਕਿਸੇ ਦੇ ਵਸ ਦੀ ਗੱਲ ਨਹੀਂ ਹੈ,
ਏਸ ਕਿਤਾਬ ਵਿੱਚ ਲਫਜਾਂ ਦੀ ਥਾਂ ਜ਼ਜਬਾਤ ਲਿਖੇ ਹੋਏ ਨੇਂ
tera.sukh_
Mere chehre nu padhna har kise de vas di gal nahi hai,
es kitab vich lafazaan di tha jajhbaat likhe hoye ne
ਮੇਰੇ ਚਿਹਰੇ ਨੂੰ ਪੜਨਾ ਹਰ ਕਿਸੇ ਦੇ ਵਸ ਦੀ ਗੱਲ ਨਹੀਂ ਹੈ,
ਏਸ ਕਿਤਾਬ ਵਿੱਚ ਲਫਜਾਂ ਦੀ ਥਾਂ ਜ਼ਜਬਾਤ ਲਿਖੇ ਹੋਏ ਨੇਂ
tera.sukh_
Jinhe hum kabil-e-aitbaar samjhte the
Vo hi daga kar gaye
Hairani to is baat ki hai ke jinhe hum zindagi mein bhi shamil nahi karte the
Vo kambakhat unhi se wafa kar gaye💔
जिन्हे हम काबिल-ए-एतबार समझते थे
वो ही दगा कर गए
हैरानी तो इस बात की है कि जिन्हें हम ज़िन्दगी में भी शामिल नहीं करते थे,
वो कमबख्त उन्हीं से वफ़ा कर गए💔
कुछ हलचल सी है सीने में
सुकून कुछ खोया – सा है
जाने कैसी है ये अनुभूति
दिल कुछ रोया – सा है
कुछ आहट सी आयी है
और दिल कुछ धड़का – सा है।
हाथ – पाँव में हो रही कंपन-सी
बेचैनी ये जानी पहचानी – सी है
सांसे भी है कुछ थमी – सी
कितने वक्त गुज़र गये इन्तजार में
मेरी आहें भी हैं कुछ जमी – सी।
पलकें अब मूँदने लगी हैं
साँसें अब क्षीण पड़ रही हैं
अब तो आ जाओ इन लम्हों में
जाने कब लौटोगे?
आने का वादा था और ना भी था तो,
तुम्हारा इन्तज़ार तो था..
सारी हदें तोड़ कर आ जाओ
दुनिया की रस्मों को छोड़ कर आ जाओ
चंद लम्हों के लिए ही,
अब तो आ जाओ
मेरे लिए.. सिर्फ मेरे लिए |