Sade naal vasta soch samajh ke rakhi
Asi oh lok haan Jo nazraa naal nahi lafzaan naal vaar karde haan..!!
ਸਾਡੇ ਨਾਲ ਵਾਸਤਾ ਸੋਚ ਸਮਝ ਕੇ ਰੱਖੀਂ
ਅਸੀਂ ਉਹ ਲੋਕ ਹਾਂ ਜੋ ਨਜ਼ਰਾਂ ਨਾਲ ਨਹੀਂ
ਲਫ਼ਜ਼ਾਂ ਨਾਲ ਵਾਰ ਕਰਦੇ ਹਾਂ..!!
Sade naal vasta soch samajh ke rakhi
Asi oh lok haan Jo nazraa naal nahi lafzaan naal vaar karde haan..!!
ਸਾਡੇ ਨਾਲ ਵਾਸਤਾ ਸੋਚ ਸਮਝ ਕੇ ਰੱਖੀਂ
ਅਸੀਂ ਉਹ ਲੋਕ ਹਾਂ ਜੋ ਨਜ਼ਰਾਂ ਨਾਲ ਨਹੀਂ
ਲਫ਼ਜ਼ਾਂ ਨਾਲ ਵਾਰ ਕਰਦੇ ਹਾਂ..!!
हजार बार माफ किया तुमने एक आखिरी दफा भी कर दो ना
दिल वीरान हो गया है तेरे जाने से एसे भर दो ना
तेरी खामोशिया पल-पल मारेगी मुझे
अपना समझ ही फिर अपना कर दो ना
लाख बुरा हूँ चाहे मैं
पर हूँ तो तेरा समझो ना ….. एक आखिरी दफा माफ करो दो ना ।
तुझसे दूर जाऊ भी तो जाऊ कैसे टूजसे मेरी रूह जुड़ गयी है
तुझे नाराज करके मेरी रूह मेरे जिस्म से उड़ गयी है ,
अपने गले लगा के कह दे की तू मेरी है
तुझे फिर देखने को मेरी आँख तरस गयी है ।
खो गई थी धड़कनें जो कहीं
वो वापस ले आया हूं मैं,
थोड़ी ठीक है थोड़ी ज़ख्मी हैं
फिर भी वापस ले आया हूं मैं,
क्या बातें थी याद करो तो दिल बैठ गया,
कदम लड़खड़ाते रहे, वो पल याद आते रहे,
आज बहकते बहकते ही सही,
खुद को वापस ले आया हूं मैं,
हाथ ज़ख्मों पर हैं,
और ज़ख्म धड़कनों पर,
बाजी पलटती रही,
हम धड़कनें लगाते रहे ज़ख्मों पर,
थोड़ी देर और सही,
आज शाम नहीं कल की सवेर सही,
घर तो लौट आया हूं मैं,
देखो खुदको वापस ले आया हूं मैं.....