
Jihdiyaan udeekan ch umar lang gai
ohnu vekhe bina nahi mar sakde
kalla kalla saadha din kive langeyaa
lafzon byaan nai kar sakde

Jihdiyaan udeekan ch umar lang gai
ohnu vekhe bina nahi mar sakde
kalla kalla saadha din kive langeyaa
lafzon byaan nai kar sakde
ये साफ सफाई की बात नहीं, कोरोना ने लिखी खत।
इधर उधर थुकना मत।
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गंगा की गोद में चलती है नाव, मृत शरीर भी।
समय का गोद में खिलती है सभ्यता और जंगली जानवर का अँधा बिस्वास भी।
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बचपन मासूम कली।
फल बनना और बड़ा होना- काला दाग में अशुद्ध कलि।
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कीचड़ में भी कमल खिलता है।
अच्छे घर में भी बिगड़ा हुआ बच्चा पैदा होते है।
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इंसान का अकाल नहीं, इंसानियत की अकाल है।
डॉक्टर (सेवा) के अकाल नहीं, वैक्सीन (व्यवस्था) का अकाल है।
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कुत्ते समझते है के कौन इंसान और कौन जानवर है।
बो इंसान को देख के पूंछ हिलाते है और जानवर को देख के भूँकते है।
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जीविका से प्यारा है जिंदगी।
अगर साँस बंद है तो कैसे समझेंगे रोटी की कमी।
Na khwahish koi bachi Na jion di tamanna,
Duniya fer vi avein rahegi… jiwe shad ke chlla 💯
ਨਾ ਖੁਆਹਿਸ਼ ਕੋਈ ਬਚੀ ਨਾ ਜਿਉਣ ਦੀ ਤਮੰਨਾ,
ਦੁਨੀਆ ਫਿਰ ਵੀ ਐਵੇਂ ਰਹੇਗੀ… ਜਿਵੇਂ ਛੱਡ ਕੇ ਚੱਲਾ 💯