Lambe hai raste, haath thambonge kya
Lambi hai manzil, saath chalonge kya
Mana ittefak se mile hai,
Mana ittefak se mile hai
Fir bhi chalo kuch yaade banate hai!
Lambe hai raste, haath thambonge kya
Lambi hai manzil, saath chalonge kya
Mana ittefak se mile hai,
Mana ittefak se mile hai
Fir bhi chalo kuch yaade banate hai!
कुछ हलचल सी है सीने में
सुकून कुछ खोया – सा है
जाने कैसी है ये अनुभूति
दिल कुछ रोया – सा है
कुछ आहट सी आयी है
और दिल कुछ धड़का – सा है।
हाथ – पाँव में हो रही कंपन-सी
बेचैनी ये जानी पहचानी – सी है
सांसे भी है कुछ थमी – सी
कितने वक्त गुज़र गये इन्तजार में
मेरी आहें भी हैं कुछ जमी – सी।
पलकें अब मूँदने लगी हैं
साँसें अब क्षीण पड़ रही हैं
अब तो आ जाओ इन लम्हों में
जाने कब लौटोगे?
आने का वादा था और ना भी था तो,
तुम्हारा इन्तज़ार तो था..
सारी हदें तोड़ कर आ जाओ
दुनिया की रस्मों को छोड़ कर आ जाओ
चंद लम्हों के लिए ही,
अब तो आ जाओ
मेरे लिए.. सिर्फ मेरे लिए |
Bewafai khata hai zamane mein ye farman sunaya jaye
Bewafa ke liye saza e maut ka kanoon bnaya jaye 💯
बेवफाई खता है जमाने में ये फरमान सुनाया जाए।
बेवफा के लिए सजा ए मौत का कानून बनाया जाए।💯