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Shayari | Latest Shayari on Hindi, Punjabi and English

AKH TERI ROI LAGI || punjabi shayari

TU DIL VICH SAJNA, KOI GALL LKOOI LAGDI YYYY,
TAINU KIS DI YAAD STAAWE AKH TERI ROI LAGDI YYYYY,.
DOOR GIYAA LAYI KIO HAAUNKE BHARDA REHNA YYYY
KISDA KHAT NIT KADKE EKALA PARRDA REHNA YYYYY,2
JISNU KEHNDE LOK MOHABAT TAINU HOI LAGDI YYYY,,,
TAINU KIS DI YAAD STAAWE  AKH  TERI ROI LAGDI YYYY,,,
MITAA NAHI  KOI NI SAKDA ,,,MATHE WALI LAKEER NU,,,,
AAKE HAAL TU PUCH LEH CHAHE MANVEER NU,,,,,
JISNU APNI KADE O KEHDA SI ,,HUN KOI LAGDI YYYY
TAINU KISDI YAAD  STAAWE AKH TERI ROI LAGDI YYY,,,,

Zalim Duniya ਜਾਲਮ ਦੁਨਿਆ || duniyaa shayari

Jo dil de change hunde,
Onha nu thagdi aa.
Ehh duniya badi zalim aa Bhanokheri aalya.
Pehlan pyar jatondi,
Baad chh tarle pwa shddi aa…

ਤੇਰਾ ਰੋਹਿਤ…✍🏻

Tutteyaa pataa || punjabi shayari

Ehh taan hawa sahare udde sajna,
Bhala rukh ton jhad jaan magar v,
Koi oss tutte patte (ਪੱਤੇ) da haal puchda…

ਤੇਰਾ ਰੋਹਿਤ…✍🏻

ethe koi kise da karda nahi || sad shayari

Ethe koi kise da krda nhi
Sbb apo apna soch rae
Kaiyaa toh vaare jaawa mai
Kuj apne andro noch rae
Kadhe mera mera krdi c
Ajj mere toh passa vaatdi ea
Kadhe door hoon toh drdi c
Ajj door hokey v dardi ea

Kalamaa nu shayari || punjabi dard shayari

ਲ਼ੋਕ ਊਠਾਂ ਕਲਮਾਂ ਨੂੰ ਸ਼ਾਇਰ ਬਣੀਂ ਬੈਠੇ ਨੇ
ਜਜ਼ਬਾਤ ਨੂੰ ਸ਼ਬਦਾਂ ਚ ਲਿਖਣਾ ਨੀਂ ਆਉਂਦਾ
ਹਰ ਗੱਲ ਨਹੀਂ ਲਿਖੀ ਜਾਂਦੀ ਸ਼ਬਦਾ ਚ
ਦਰਦ ਹਾਲੇ ਤੱਕ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਇਨਾਂ ਨੂੰ ਲਿਖਣਾ ਨੀ ਆਉਂਦਾ

—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷

 

Pyaar ta miliyaa ni || sad shayari in 2 lines

mintaa v kiti yaar taa miliyaa ni
aapne aap nu gawa leya pyaar ta miliyaa ni

ਮਿੰਨਤਾ ਵੀ ਕਿਤੀ ਯਾਰ ਤਾਂ ਮਿਲਿਆਂ ਨੀਂ
ਆਪਣੇ ਆਪ ਨੂੰ ਗਵਾ ਲੇਆ ਪਿਆਰ ਤਾਂ ਮਿਲਿਆਂ ਨੀਂ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷

मेरे आंसुओ का मुकाबला || hindi shayari dard

मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,

मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।

तुझे पाने की चाहत में, हम सब कुछ खोते चले गए,

मगर फिर भी ऐ मेरे हमनशी, तुम दुर होते चले गए,

अब इससे ज्यादा मेरे हाल को बेहाल क्या करेगी,

मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,

मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।

मिल गया था मैं तुझे बिन मांगे, तुम कदर भी मेरी क्या करते ,

तुम रूठते हम मना लेते, मगर बदल ही गए हम क्या करते,

मैं लेटू नींद ना आये मुझे,  तु भी रात को तारे गिना करेगी,

मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,

मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।

मैने खूद को ना ऐसे चाहा कभी,  जैसे तुझको चाहते चले गए,

मैने देखा खुद को खोते हुए, बस तेरे होते चले गए,

मैंं इतना दूर चला जाऊं, तु घूट घूट आंहे भरा करेगी,

मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,

मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।

मैने खुदा से ऐसे मांगा उसे, मैं जीता,  किस्मत हार गई,

यह “रमन” की महोब्बत की कविता थी, कोई जिस्मो का व्यापार नहीं,

तेरे पीछे खुद को फ़ना कर दू, मेरे गीत भी दुनिया गाया करेगी,

मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,

मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।

Rami_