Chann hai asmani
te hawa thandi
te
uton teri yaad di garmehesh
la-jawaab hai
ਚੰਨ ਹੈ ਅਸਮਾਨੀ ਤੇ ਹਵਾ ਠੰਡੀ
ਤੇ ਓਤੋਂ ਤੇਰੀ ਯਾਦ ਦੀ ਗਰਮਹਿਸ਼
ਲਾ-ਜਵਾਬ ਹੈ
Chann hai asmani
te hawa thandi
te
uton teri yaad di garmehesh
la-jawaab hai
ਚੰਨ ਹੈ ਅਸਮਾਨੀ ਤੇ ਹਵਾ ਠੰਡੀ
ਤੇ ਓਤੋਂ ਤੇਰੀ ਯਾਦ ਦੀ ਗਰਮਹਿਸ਼
ਲਾ-ਜਵਾਬ ਹੈ
Hamdard bhi ab hai
Dard bn k reh geya
Chlna nahi ab ishq
Ki raho PE dhoka
Tera yeh keh geya
अकबर बादशाह को मजाक करने की आदत थी। एक दिन उन्होंने नगर के सेठों से कहा-
“आज से तुम लोगों को पहरेदारी करनी पड़ेगी।”
सुनकर सेठ घबरा गए और बीरबल के पास पहुँचकर अपनी फरियाद रखी।
बीरबल ने उन्हें हिम्मत बँधायी,
“तुम सब अपनी पगड़ियों को पैर में और पायजामों को सिर पर लपेटकर रात्रि के समय में नगर में चिल्ला-चिल्लाकर कहते फिरो, अब तो आन पड़ी है।”
उधर बादशाह भी भेष बदलकर नगर में गश्त लगाने निकले। सेठों का यह निराला स्वांग देखकर बादशाह पहले तो हँसे, फिर बोले-“यह सब क्या है ?”
सेठों के मुखिया ने कहा-
“जहाँपनाह, हम सेठ जन्म से गुड़ और तेल बेचने का काम सीखकर आए हैं, भला पहरेदीर क्या कर पाएँगे, अगर इतना ही जानते होते तो लोग हमें बनिया कहकर क्यों पुकारते?”
बादशाह अकबर बीरबल की चाल समझ गए और अपना हुक्म वापस ले लिया।