
Eh na samaj us rabb ne kade vekheya ni
mandir maseetan ch ja ke tu kyu nak ragre
oh nahi kade milna jo tere lakhaan ch nahi

Eh na samaj us rabb ne kade vekheya ni
mandir maseetan ch ja ke tu kyu nak ragre
oh nahi kade milna jo tere lakhaan ch nahi
किसी न किसी पे किसी को ऐतबार हो जाता है ,
अजनबी कोई शख्स यार हो जाता है ,
खूबियों से नहीं होती मोहब्बत सदा ,
खामियों से भी अक्सर प्यार हो जाता है 🥀
किन लफ़्ज़ों में इतनी कड़वी कसैली बात लिखूं ,
मैं सच लिखूं के अपने हालत लिखूं ,
कैसे लिखूं मैं चांदनी रातें ,
जब गरम हो रेत तो कैसे मैं बरसात लिखूं .✨
सभी नग्मे साज़ में गाये नहीं जाते ,
सभी लोग महफ़िल में बुलाये नहीं जाते ,
कुछ पास रह कर भी याद नहीं आते ,
कुछ दूर रह कर भी भूलाये नहीं जाते!❤️
हम इस प्यार को प्यार से प्यार करते है
क्यों करते है इतनी मोहबत आपसे
क्यों यह गुन्हा हम हर बार करते है
Hum Is Pyar Ko Pyar Sey Pyar Karte Hai
Kyu Karte Hai Itni Mohabbat Apse
Kyu Yeh Gunha Hum Har Var Karte Hai