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Likhta me kisaan ke liye || किसान कविता

लिखता मैं किसान के लिए
मैं लिखता इंसान के लिए
नहीं लिखता धनवान के लिए
नहीं लिखता मैं भगवान के लिए
लिखता खेत खलियान के लिए
लिखता मैं किसान के लिए
नहीं लिखता उद्योगों के लिए
नहीं लिखता ऊँचे मकान के लिए
लिखता हूँ सड़कों के लिए
लिखता मैं इंसान के लिए
क़लम मेरी बदलाव बड़े नहीं लाई
नहीं उम्मीद इसकी मुझे
खेत खलियान में बीज ये बो दे
सड़क का एक गढ्ढा भर देती
ये काफ़ी इंसान के लिए
लिखता हूँ किसान के लिए
लिखता मैं इंसान के लिए
आशा नहीं मुझे जगत पढ़े
पर जगत का एक पथिक पढ़े
फिर लाए क्रांति इस समाज के लिए
इसलिए लिखता मैं दबे-कुचलों के लिए
पिछड़े भारत से ज़्यादा
भूखे भारत से डरता हूँ
फिर हरित क्रांति पर लिखता हूँ
फिर किसान पर लिखता हूँ
क्योंकि
लिखता मैं किसान के लिए
लिखता मै इंसान के लिए

                तरुण चौधरी

Title: Likhta me kisaan ke liye || किसान कविता

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Bande nu parkhna || life shayari

Kehnda ! je bande nu parkhna hi hai
taa shaklo nahi, andro parkho
kyuki baahro vekhan ch kai ful ohne hi sohne
te andro ohne hi jehreele hunde ne

ਕਹਿੰਦਾ..! ਜੇ ਬੰਦੇ ਨੂੰ ਪਰਖਨਾ ਹੀ ਹੈ,

ਤਾਂ ਸ਼ਕਲੋ ਨਹੀਂ , ਅੰਦਰੋ ਪਰਖੋ

ਕਿਉਂਕਿ ਬਾਹਰੋ ਵੇਖਣ ‘ਚ ਕੲਈ ਫੁੱਲ ਉਹਨੇ ਹੀ ਸੋਹਣੇ ,

ਤੇ ਅੰਦਰੋਂ ਉਹਨੇ ਹੀ ਜ਼ਹਰੀਲੇ ਹੁੰਦੇ ਨੇ 💔🥀

Title: Bande nu parkhna || life shayari


Dil udaas hai tumhare bina || love hindi shayari

बड़ा उदास है ये दिल तुम्हारे बिना, कुछ नहीं है मेरे पास तुम्हारे बिना,
चाहे दिन हो या हो रात, सुकून नहीं आता इस दिल को मेरे तुम्हारे बिना