Me edhan da kujh likh baitha
maithon lok tan sarrde firde ne
ਮੈਂ ਇਦਾਂ ਦਾ ਕੁੱਝ ਲਿਖ ਬੈਠਾ,
ਮੈਥੋਂ ਲੋਕ ਤਾਂ ਸੜਦੇ ਫਿਰਦੇ ਨੇ ।
Me edhan da kujh likh baitha
maithon lok tan sarrde firde ne
ਮੈਂ ਇਦਾਂ ਦਾ ਕੁੱਝ ਲਿਖ ਬੈਠਾ,
ਮੈਥੋਂ ਲੋਕ ਤਾਂ ਸੜਦੇ ਫਿਰਦੇ ਨੇ ।
अकबर बादशाह को मजाक करने की आदत थी। एक दिन उन्होंने नगर के सेठों से कहा-
“आज से तुम लोगों को पहरेदारी करनी पड़ेगी।”
सुनकर सेठ घबरा गए और बीरबल के पास पहुँचकर अपनी फरियाद रखी।
बीरबल ने उन्हें हिम्मत बँधायी,
“तुम सब अपनी पगड़ियों को पैर में और पायजामों को सिर पर लपेटकर रात्रि के समय में नगर में चिल्ला-चिल्लाकर कहते फिरो, अब तो आन पड़ी है।”
उधर बादशाह भी भेष बदलकर नगर में गश्त लगाने निकले। सेठों का यह निराला स्वांग देखकर बादशाह पहले तो हँसे, फिर बोले-“यह सब क्या है ?”
सेठों के मुखिया ने कहा-
“जहाँपनाह, हम सेठ जन्म से गुड़ और तेल बेचने का काम सीखकर आए हैं, भला पहरेदीर क्या कर पाएँगे, अगर इतना ही जानते होते तो लोग हमें बनिया कहकर क्यों पुकारते?”
बादशाह अकबर बीरबल की चाल समझ गए और अपना हुक्म वापस ले लिया।
Teri aankhe us samunder ki tarah hai jisme bheegne aur doobne ka koi darr nahi
tera chehra us chaand ki tarah hai jiski raushani kabhi kam nahi hoti
teri aadat us dil ki tarah hai
jiske bina zindagi adhoori hai
ਤੇਰੀ ਆਖੇਂ ਉਸ ਸਮੁੰਦਰ ਕਿ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੈ ਜੀਸ਼ਮੇ ਭੀਗਣੇ ਔਰ ਦੂਬਨੇ ਕਾ ਕੋਈ ਡਰ ਨਹੀਂ🥺🥺
ਤੇਰਾ ਚੇਹਰਾ ਉਸ ਚਾਂਦ ਕਿ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੈ ਜਿਸਕੀ ਰੌਸ਼ਨੀ ਕਭੀ ਕਮ ਨਹੀਂ ਹੋਤੀ।😍😍
ਤੇਰੀ ਆਦਤ ਉਸ ਦਿਲ ਕਿ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੈ,
ਜਿਸਕੇ ਬਿਨਾ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਅਦੂਰੀ ਹੈ😘😘