Me edhan da kujh likh baitha
maithon lok tan sarrde firde ne
ਮੈਂ ਇਦਾਂ ਦਾ ਕੁੱਝ ਲਿਖ ਬੈਠਾ,
ਮੈਥੋਂ ਲੋਕ ਤਾਂ ਸੜਦੇ ਫਿਰਦੇ ਨੇ ।
Me edhan da kujh likh baitha
maithon lok tan sarrde firde ne
ਮੈਂ ਇਦਾਂ ਦਾ ਕੁੱਝ ਲਿਖ ਬੈਠਾ,
ਮੈਥੋਂ ਲੋਕ ਤਾਂ ਸੜਦੇ ਫਿਰਦੇ ਨੇ ।
चलो ना आज तुम्हें एक गज़ल सुनाती हूं।
गज़ल के साथ कुछ और भी बताती हूं ।
भरोसा करने से ज्यादा उसे निभाना सिखाती हूं।
साथ ही अपनी जिंदगी बताती हूं❤️
समझ सका ना कोई मुझे तुम्हें समझाती हूं ।
चलो कुछ पुरानी यादें तुम पे लुटती हूं ।
मंजिल तो सुहानी होती है।
सफर कैसा होता है तुम्हें रूबरू कराती हूं।
सब्र करना मुश्किल था लेकिन अब सब सह जाती हूं।
चलो तुम्हें अपनी जिंदगी का आज हिस्सा बनाती हूं।
Manisha ❤️Mann ✍️
Teri judaai vi manzoor e
Ruswaai vi manzoor e
Nahi rakhde wafa di umeed tethon
Bewafai vi manzoor e..!!
ਤੇਰੀ ਜੁਦਾਈ ਵੀ ਮਨਜ਼ੂਰ ਏ ਸਾਨੂੰ
ਰੁਸਵਾਈ ਵੀ ਮਨਜ਼ੂਰ ਏ
ਨਹੀਂ ਰੱਖਦੇ ਵਫ਼ਾ ਦੀ ਉਮੀਦ ਤੈਥੋਂ
ਬੇਵਫਾਈ ਵੀ ਮਨਜ਼ੂਰ ਏ..!!