Me edhan da kujh likh baitha
maithon lok tan sarrde firde ne
ਮੈਂ ਇਦਾਂ ਦਾ ਕੁੱਝ ਲਿਖ ਬੈਠਾ,
ਮੈਥੋਂ ਲੋਕ ਤਾਂ ਸੜਦੇ ਫਿਰਦੇ ਨੇ ।
Enjoy Every Movement of life!
Me edhan da kujh likh baitha
maithon lok tan sarrde firde ne
ਮੈਂ ਇਦਾਂ ਦਾ ਕੁੱਝ ਲਿਖ ਬੈਠਾ,
ਮੈਥੋਂ ਲੋਕ ਤਾਂ ਸੜਦੇ ਫਿਰਦੇ ਨੇ ।
उसकी जुल्फों से छाँव हुई, दिल धूप में बड़ा बेचैन सा था..
ठोकर लगी फिर भी नहीं हटी नजर, वो जादू उसके नैन का था..
उसके हुस्न में डूब के हम, कुछ इस कदर उसके हो गए..
आज सोचता हूं सिर पीट के मैं, जीवन कितना सुख-चैन सा था..
तेरे मासूम चेहरे से हमने, काफ़ी धोखे खाए हैं..
धोखे खाकर भी तुझसे हम, इश्क फरमाने आए हैं..
तू बेवफा है फिर भी तेरे लिए, वफ़ा का तोहफा लाए हैं..
तेरी अकड़ कुबूलेगी नहीं, ये सोच के हम घबराऐ हैं..
फिर भी अपना नाजुक दिल, तोहफे में हम रख लाए हैं….