उसकी वो मासूम सी आंखें, कभी-कभी मुझे झूठी सी लगती हैं..
उसकी वो सोच कर बनाई हुई बातें, अक्सर मुझे टूटी सी लगती हैं..
कभी मेरी नाराज़गी पर मुस्कुराती है, कभी प्यार पर रूठी सी लगती है..
कभी उसकी मामूली से हरकत भी मुझे, अनूठी सी लगती है..
कभी उसकी झुकी पलकों में इश्क होता है, कभी उठी सी लगती हैं..
उसके प्यार पर शक नहीं मुझे, फिर भी ना जाने क्यूं, झूठी सी लगती है..
heart rated 💔
Gamman di haneri raat vich
eve dil apna bekrar na kar
saver zaroor howegi
bas thoda intezar kar
ਗਮਾਂ ਦੀ ਹਨੇਰੀ ਰਾਤ ਵਿਚ
ਐਂਵੇ ਦਿਲ ਆਪਣਾ ਬੇਕਰਾਰ ਨਾ ਕਰ
ਸਵੇਰ ਜ਼ਰੂਰ ਹੋਵੇਗੀ
ਬਸ ਥੋੜਾ ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਕਰ ..#GG