कल एक झलक ज़िंदगी को देखा,
वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी,
फिर ढूँढा उसे इधर उधर
वो आँख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी,
एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार,
वो सहला के मुझे सुला रही थी
हम दोनों क्यूँ ख़फ़ा हैं एक दूसरे से
मैं उसे और वो मुझे समझा रही थी,
मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया
कमबख्त तूने,
वो हँसी और बोली- मैं जिंदगी हूँ पगले
तुझे जीना सिखा रही थी।
Thag ghumde ne ithe pyaar de
lutt le jande ne sab sajjan yaar de
bharosa nahi sohne chehre waleyaa da
ilaaz nahi bane aj tak ehna de vaar de
ਠੱਗ ਘੁਮਦੇ ਨੇ ਇਥੇ ਪਿਆਰ ਦੇ
ਲੁਟ ਲੇ ਜਾਂਦੇ ਨੇ ਸਭ ਸਜਣ ਯਾਰ ਦੇ
ਭਰੋਸਾ ਨਹੀਂ ਸੋਹਣੇ ਚੇਹਰੇ ਵਾਲੇਆਂ ਦਾ
ਇਲਾਜ ਨਹੀਂ ਬਣੇ ਅੱਜ ਤੱਕ ਏਣਾ ਦੇ ਵਾਰ ਦੇ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷