Love for Chai || hindi shayari love tea was last modified: February 23rd, 2023 by DIPTI AGARWAL
Enjoy Every Movement of life!
नींद बेचैनी से कटती रही
ख्वाब कोहरे मे छुपती रही
तेरी आवाज़ से मैं अनसुनी रही
तु मिला न कही मंज़िलों पे
मैं भटकती भटकती
तुझे ढूंढती रही
तेरा मेरा रिश्ता इन
काग़ज़ों पे खत्म हो गया
साथ तेरा मेरा युं सिमट सा गया
जैसे चार दिवारी में बंध सा गया
तेरी बातों को मैं याद करता
तेरी हँसी को मैं याद करता
हमारे उन्ही हसीन पलो को
हररोज सजाया करता
Achhee ne achaa aur buree ne bura kaha mujhe
bas jisko jitni zarurat thi utna hi jaana mujhe
