
or likhunga to sirf tere liye
waise to mere dost mujhe bikharne nahi dete
par mai bikhrunga to sirf tere liye

तनहाई तलाश रही मुझको, और मुझे तलाश है बस तेरी..
गर मुमकिन है तो आ जाओ, इंतजार में नजरें हैं मेरी..
इंहे नींद नहीं अब आती है, राहों में टिकी हैं ये तेरी..
यकीन न इनको होता है, के तूने भी आंखें हैं फेरी..
समझाऊं केसे मैं इनको, किस्मत में नहीं है तू मेरी..
जिन आंखों को हैं ये ढूंढ़ रही, बंद हैं वो आंखें तेरी..
जेसे दिल है हार गया मेरा, वैसे हारेगी अब रूह मेरी..
अब थक कर ये सोएंगी जब, होगी जिस्म से जान जुदा मेरी..
Waqt da khaas hona zaroori nahi,
Khaas layi waqt hona zaroori e🥰
ਵਕਤ ਦਾ ਖਾਸ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਨਹੀ,
ਖਾਸ ਲਈ ਵਕਤ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਏ !🥰