Tum julam karti raho
Ham seh lenge
Tumahre dil me rehne ki umar kaid ho jaye
ham reh lainge
तूम जुलम करती रहो
हम सह लेंगे,
तुम्हारे दिल में रहने की उम्र कैद हो जाऐ
हम रह लेंगे
Tum julam karti raho
Ham seh lenge
Tumahre dil me rehne ki umar kaid ho jaye
ham reh lainge
तूम जुलम करती रहो
हम सह लेंगे,
तुम्हारे दिल में रहने की उम्र कैद हो जाऐ
हम रह लेंगे
हाथ थाम कर भी तेरा सहारा न मिला
में वो लहर हूँ जिसे किनारा न मिला
मिल गया मुझे जो कुछ भी चाहा मैंने
मिला नहीं तो सिर्फ साथ तुम्हारा न मिला
वैसे तो सितारों से भरा हुआ है आसमान मिला
मगर जो हम ढूंढ़ रहे थे वो सितारा न मिला
कुछ इस तरह से बदली पहर ज़िन्दगी की हमारी
फिर जिसको भी पुकारा वो दुबारा न मिला
एहसास तो हुआ उसे मगर देर बहुत हो गयी
उसने जब ढूँढा तो निशान भी हमारा न मिला
तरुण चौधरी
हो विष्णु तुम धरा के,
हल सुदर्शन तुम्हारा !!
बिना शेष-शैया के ही,
होता दर्शन तुम्हारा !!
पत्थर को पूजने वाले,
क्या समझेंगे मोल तेरा !!
माँ भारती के ज्येष्ठ सुत,
तुमको नमन हमारा !!!
तरुण चौधरी