
Nazar wahi tak yaha tak tum ho,
Vese to hazaron phool khilte hain gulshan mein magar,
Khushboo vahi takk yaha tak tum ho 💕

ये जमीं करती नमन
आसमां करता नमन
जिस मकां में जन्म बीता
वो मकां करता नमन
श्वेत कपड़े में लिपटकर शान से जो आ रहा है
पीछे उसके भ्रमर कोई मधुर धुन में गा रहा है
देख उस सपूत को ये जहां करता नमन
ये जमीं करती नमन
आसमां करता नमन
उसने दुश्मन के आगे शान से सीना किया है
लौट आया वो धुरंधर उन्हे(दुश्मन) बदहाल जीना किया है
उनकी रूहें इस जमीं से आसमां पर जाएंगी
उनको देख ये खुदा गर्व से करता नमन
ये जमीं करती नमन
आसमां करता नमन
शहीद(सैनिक)
“Money can buy some things to create happiness, but it can never buy happiness.” – Tarun Choudhary