tere husn ko parde kee zarurat hee kya hai,
kaun hosh mein rahata hai tujhe dekhane ke baad…
तेरे हुस्न को परदे की ज़रुरत ही क्या है,
कौन होश में रहता है तुझे देखने के बाद… 💖💖
Enjoy Every Movement of life!
tere husn ko parde kee zarurat hee kya hai,
kaun hosh mein rahata hai tujhe dekhane ke baad…
तेरे हुस्न को परदे की ज़रुरत ही क्या है,
कौन होश में रहता है तुझे देखने के बाद… 💖💖
कुछ नहीं है बात में, ये बात चुभती भी तो है,
भोर की पहली किरण भी सांझ में ढलती तो है,
उड़ता हूं मैं बाज़ सा आसमां की उस ऊंचाई में,
जिस तेज ताप पर, थोड़ी हवा चलती तो है,
गिरता हूं मैं उठता हूं कभी धरती कभी अंगड़ाई पे
जिंदगी भी दर बदर पर, जिंदगी चलती तो है,
बात इतनी ही नहीं के कायदे भी अब रो रहे,
सर झुका कर चलती दुनिया देख खलती भी तो है...
