tere husn ko parde kee zarurat hee kya hai,
kaun hosh mein rahata hai tujhe dekhane ke baad…
तेरे हुस्न को परदे की ज़रुरत ही क्या है,
कौन होश में रहता है तुझे देखने के बाद… 💖💖
tere husn ko parde kee zarurat hee kya hai,
kaun hosh mein rahata hai tujhe dekhane ke baad…
तेरे हुस्न को परदे की ज़रुरत ही क्या है,
कौन होश में रहता है तुझे देखने के बाद… 💖💖
देखा है दुनिया का दस्तूर उसने,
वो किसी की भी सुनता नहीं है...
लगा देता है अदालत चलती राहों में,
उसके दुश्मन भी चुनता वहीं है...
सही है ?
क्या दुनिया से नज़रें मिला कर चलना,
जीना है आज तो रास्ता बस यही है...
छोड़ आया था दोस्तों का काफिला पीछे, मुड़ कर देखा तो सारे दुश्मन वहीं है...
Kehnda aaja kol mere
mohobat nu mukamal karn lai
eh taras reha hai dil mera
tainu apna banaun lai
ਕਹਿੰਦਾ ਆਜਾ ਕੋਲ਼ ਮੇਰੇ
ਮਹੋਬਤ ਨੂੰ ਮੁਕੰਮਲ ਕਰਨ ਲਈ
ਏਹ ਤਰਸ ਰੇਹਾ ਹੈ ਦਿਲ ਮੇਰਾ
ਤੈਨੂੰ ਆਪਣਾ ਬਣੋਨ ਲਈ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷